बिलासपुर। सड़क चौड़ीकरण के लिए सड़क की हरियाली उजाड़ने के बाद तापमान में हो रही वृद्घि ने निगम प्रशासन की आंखें खोल दी है। भवन निर्माण की अनुमति देने के साथ ही घर के आसपास खाली जगह पर दो पेड़ लगाने की अनिवार्यता रख दी है।

लिंक रोड,सिविल लाइन एरिया,महामाया चौक से कोनी रोड,महाराणा प्रताप चौक से व्यापार विहार रोड,नेहरू चौक से उसलापुर रेलवे ओवरब्रिज, ये कुछ ऐसी प्रमुख सड़कें हैं जिसके दोनों किनारे सैकड़ों बड़े-बड़े पेड़ लगे हुए थे। इसके कारण सड़कों व आसपास चौबीस घंटे हरियाली बिछी रहती थी।

चौड़ीकरण के नाम पर नगर निगम व जिला प्रशासन ने मिलकर बेदर्दी के साथ पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलवा दी। सड़कें तो चौड़ी हो गइर्,इन पर तेज रफ्तार से दोपहिया व चार पहिया वाहन भी दौड़ रहे हैं पर हरियाली कहीं नजर नहीं आ रही है।

वहीं शहर की हरियाली नष्ट करने के बाद प्रमुख मोहल्लों में हरियाली बिछाने की जिम्मेदारी अब शहरवासियों पर डालने का निर्णय लिया है। इसके लिए निगम ने नई तरकीब निकाली है। निगम के भवन शाखा में भवन निर्माण के लिए अनुमति संबंधी आवेदन देने वालों को निर्माण की सशर्त अनुमति दी जा रही है।

एनओसी जारी करते वक्त पर्यावरण का हवाला देते हुए खाली जमीन पर दो पेड़ लगाने की शर्त रख दी है। पौधरोपण करने के साथ ही दोनों पौधों की देखभाल करने की जिम्मेदारी लेने कहा जा रहा है। इसके लिए शपथ पत्र भी मांग रहे हैं।

पर्यावरण की सुरक्षा की अपील भी की जा रही है। इसके अलावा बारिश के पानी को व्यर्थ बहने न देने की समझाइश भी दी जा रही है। इसके लिए वाटर हार्वेस्टिंग को भी अनिवार्य शर्त में शामिल कर दिया है।

ये भी है जरूरी

निगम की भूमि व सड़क के अलावा शासकीय भूखंड पर सीढ़ी,चबूतरा व छज्जा निर्माण न करने की हिदायत।निकासी के लिए पक्की नाली का निर्माण करना होगा। निकटस्थ निगम की नाली से जोड़ना होगा। आसपास नाली न होने पर अपनी जमीन पर खुद के व्यय से सोकपीट का निर्माण करना होगा। सेप्टिक एवं बाथरूम निर्माण की शर्तों का पालन करना होगा।

पर्यावरण की दृष्टि से भवन निर्माण संबंधी अनुमति देते वक्त आवेदनकर्ताओं को दो पेड़ लगाने की शर्त रखी गई है। पौधारोपण के अलावा रेन वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण के लिए भी कड़ी शर्त रखी जा रही है। - अरुण शर्मा-प्रभारी अधिकारी,भवन शाखा निगम