एमपी में मन्दसौर के हालात दुखद है.. राजनैतिक पार्टियां इसके लिए एक दुसरे पर आरोप लगाकर अपनी खीर मीठी करने में लगी है .. सोशल मीडिया पर भी दोनो पार्टियों के लोग लगे है.. बीजेपी जिम्मेदार है किसानों की मौत के लिए... तो उधर से जवाब कि वो किसान है ही नहीं .. भड़काये उपद्रवी है.. सब अपने अपने दावों को फोटो, विडियो, तर्को के साथ प्रस्तुत कर रहे है,.. सच्चाई क्या है , कहना मुश्किल है .. उनकी मौत पर दुख है , लेकिन जिस तरह ये हंगामा कर रहै है, बसों ,दुकानों ,घरों पर पत्थर बाजी, आगजनी, तोड़फोड़ ..ये सरासर गलत है.. बातचीत के रास्ते भी है ,..सरकार के साथ बैठकर रास्ता निकल सकता है.. मगर जब इस तरह की आग लगती है तो कई लोग अपने अपने कूकर लेकर खिचड़ी पकाने दौड़ पड़ते है ..और जब तक खिचड़ी पक ना जाये .. खिचड़ी वाला घी ,आग में डालते रहते है... घी तो और भी मिल जायेगा .. मगर ऐसी आग बड़ी मुश्किल से मिलती है