दशकों से यह माना जाता रहा है कि यौन संबंध बनाने के बाद बेड पर लेटे रहने वाली महिलाओं की प्रेग्नेंट होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन हाल में एक अध्ययन ने इस थिअरी पर अलग तथ्य रखे हैं। अध्ययन के शोधकर्ताओं का कहना है कि सेक्स के बाद बेड रेस्ट पर रहने से प्रेग्नेंट होने वाली बात सही नहीं है। शोधकर्ताओं ने 500 दंपतियों पर यह अध्ययन किया था जिसके तथ्यों को फिनलैंड में आयोजित एक फर्टिलिटी कॉन्फ्रेंस में पेश किया गया।

अध्ययन में शामिल आधी महिलाओं को कृत्रिम वीर्यारोपण (artificial insemination) के बाद उठे घुटनों के साथ 15 मिनट के लिए बेड पर लेटे रहने को कहा गया। बाकी महिलाएं तुरंत बेड से हट गईं। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं को बेड पर ही रहने को कहा गया था, उनमें प्रेग्नेंट होने के कोई लक्षण नहीं दिखे। इस लिहाज से इंटरकोर्स के बाद बेड पर लेटे रहने की वजह से प्रेंग्नेंट होने वाली बात निराधार है।

इन तथ्यों पर प्रतिक्रिया देते हुए शफील्ड यूनिवर्सिटी के प्रफेसर ऐलन पीसी ने कहा कि उन्हें इन तथ्यों पर कोई हैरानी नहीं है क्योंकि स्पर्म सेल्स को गर्भाशय नली (fallopian tube) तक पहुंचने में केवल पांच मिनट का समय लगता है जिसके बाद वे कई दिनों तक गर्भाशय में जीवित रह सकते हैं। उन्होंने कहा, 'सांस के सामान्य होने (सेक्स के बाद) और पेशाब करने के लिए बेड से उठने तक यह (स्पर्म) अंडे को फर्टिलाइज करने के लिए पहुंच जाता है।'

यॉर्कशर हॉस्पिटल में रीप्रॉडक्टिव मेडिसिन ऐंड सर्जरी के प्रफेसर डॉ. ऐडम बालेन ने बताया, 'जीवविज्ञान की सभी पुस्तकों में नारी की चित्रात्मक रचना सबसे जटिल है।' उन्होंने कहा, 'यह (चित्र) दिखाता है कि गर्भाशय और योनी बिल्कुल सीध में हैं। जबकि हकीकत यह नहीं है। योनी में झुकाव होता है और गर्भाशय का झुकाव योनी और गर्भाशय नली व अंडाशय (ovary) के झुकाव से संबंधित होता है।' वह आगे कहते हैं, 'कई महिलाएं सोचती हैं कि बिस्तर से उठते समय सब बाहर आ जाएगा। लेकिन शारीरिक रूप से यह संभव नहीं है। चीजें इस तरह काम नहीं करती हैं।'

विशेषज्ञों ने स्मोकिंग को गर्भाधान की संभावनाओं के लिए खतरा माना है। डॉ. बालेन कहते हैं, 'सेक्स के बाद जो चाहे करें, लेकिन स्मोकिंग न करें।' ऐम्सटर्डैम यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन में काफी दिलचस्प तथ्य सामने आए। यहां 479 महिलाओं पर कृत्रिम वीर्यारोपण का प्रयोग किया गया। इनमें जिन महिलाओं को 15 मिनट तक बेड रेस्ट पर रखा गया, उनके प्रेग्नेंसी रेट 32.2 प्रतिशत रहे, जबकि जो महिलाएं बेड रेस्ट पर नहीं थीं उनके प्रेग्नेंसी रेट 40.3 प्रतिशत थे। दोनों समूहों से मिले इन परिणामों की तुलना करने पर कोई सांख्यिकीय अंतर 'नहीं' मिला।

मुख्य शोधकर्ता जोक्यो वेन रिज्स्विज्क ने कहा कि यह अध्ययन साबित करता है कि सेक्स के बाद बेड पर लेटे रहने से प्रेग्नेंसी रेट पर कोई असर 'नहीं' पड़ता।