कोटा की एसीबी कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आय से अधिक मामले मे निगम के तत्कालिन सहायक अभियन्ता पर 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया. साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपी की चल और अचल सम्पति कुर्क करके करीब 80 लाख रुपए से अधिक राशि की वसूल की जाए.

कोर्ट ने 82 वर्षीय बुजुर्ग आरोपी को 5 साल कठोर कारावास की भी सजा सुनाई. एसीबी कोर्ट एसीबी कोर्ट के सहायक निदेशक अभियोजक अहसान अहमद ने बताया कि आरोपी निगम के तत्कालिन सहायक अभियन्ता मोहनदास मरचुनिया ने 1992 में 22 लाख रुपए का गबन किया था.

इस मामले में जांच करने पर आय से अधिक सम्पति पाई गई. तब से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था. इस मामले में मंगलवार को एसीबी कोर्ट ने एतिहासिक फैसला सुनाया.

एसीबी कोर्ट के सहायक निदेशक अभियोजक अहसान अहमद ने दावा किया कि राजस्थान ही बल्कि देश में अपने आप मे पहला ऐसा मामला है, जिसमें इतना बड़ी राशी का जुर्माना और वसूली करने का कोर्ट ने आदेश दिया है. 25 साल पुराने मामले में सुनाए गए फैसले के दौरान मंगलवार को कोर्ट के बाहर देखने वाले लोगों की भीड़ लगी रही.