नई दिल्ली। दुनिया में रहना और वो भी हमेशा खुश रहना बड़ा कठिन काम है। जीवन में जब भी दुख की आमद होती है तब हम यह फैसला नहीं कर पाते कि हमारे लिए क्या जरुरी है और क्या नहीं। हम उदासी और तनाव महसूस करते हैं। हमें ऐसा लगता है कि हमें छोड़कर दुनिया में बाकी सब खुश हैं। निराशा हमारे दिमाग को पूरी तरह से जकड़ लेती है। यह दौर हमें यह आभास कराने के लिए ही आता है कि जिंदगी में सुख और दुख दोनों को आना ही है, और हमें दोनों का स्वागत करने के लिए तैयार होना चाहिए।
बेहतर दिमागी स्वास्थ्य के लिए खुश रहना बहुत जरुरी है। इसलिए हमेशा खुश रहने के लिए हमें अपनी जीवनचर्या में ये बात गाठनी होंगी कि परिस्थिति चाहे कुछ भी हो हमें हर चीज में सकारात्मकता ढूंढनी है। किसी भी घटना के पॉजिटिव पहलू पर सोचना पड़ेगा। अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं तो एक उपाय और आजमा सकते हैं। जिस किसी घटना की वजह से आप दुखी हैं, उस घटना को रिफ्रेम करिए और देखिए कि उस घटना का पॉजिटिव साइड क्या है। जो होता है अच्छे के लिए ही होता है इसलिए उस घटना से निकली अच्छी चीजों को एकत्र कीजिए। यह आपके तनाव को काफी हद तक कम कर देगा।
खुश लोग अक्सर ऐसे लोगों से घिरे रहते हैं जो केवल खुशियां बांटते हैं। वो अपने परिवर से, अपने दोस्तों से और अनेक सकारात्मक लोगों से जुड़े रहते हैं। ऐसे लोग हमेशा अपने आस-पास हंसी खुशी का माहौल बनाए रखते हैं क्योंकि उन्हें पता होता है कि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और दुख बांटने से कम होता है। इसलिए अगर आप खुश रहना चाहते हैं तो जब भी कभी आप दुखी हों तो अपने इसी तरह के हैप्पी नेटवर्क में पहुंच जाएं और फिर देखें कि कैसे आपके आस-पास का दुखी वातावरण कैसे बदल जाता है। इंसान के दुखी होने का एक और कारण ये है कि उसके पास जो कुछ भी है वो उससे संतुष्ट नहीं है, उसे और ज्यादा की लालसा है। खुश रहने के लिए जरुरी है कि जो कुछ भी आपके पास है उससे संतुष्ट रहें।