आजकल के बच्चे पढ़ाई-लिखाई में चाहे जैसे भी हों मोबाइल और कंप्यूटर के तो मास्टर होते हैं. भले वो असलियत में कुछ मीटर की दौड़ लगाने पर ही थक जाएं लेकिन मोबाइल के रेसिंग गेम में न जाने कितनी स्टेज पार कर चुके हैं. कई बार जब पैरेंट्स के पास बच्चों के लिए समय नहीं होता तो वो बच्चों को मोबाइल या लैपटॉप थमा कर चुप करा देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं आपका बच्चा उसमें क्या-क्या देख रहा है?

एडलट्स वीडियो देखने की लत
आजकल माता- पिता दोनो ही वर्किंग होते हैं और अपने बच्चे पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते. स्कूल के बाद पूरा दिन बच्चा घर पर अकेला होता है. ऐसे में उसकी सुविधा की सारी चीजें भी माता-पिता उसे उपलब्ध करा देते हैं जैसे मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्शन. अब बच्चा सारा दिन इंटरनेट पर क्या देखता है ये आपको पता नहीं चलता और धीरे-धीरे बच्चे को एडलट्स वीडियो देखने की लत लग जाती है, क्योंकि कई एडलट्स वेबसाइट ऐसी भी हैं जिसमें किसी रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं. आपका बच्चा किसी भी उम्र का हो, वह जो भी देखना चाहता है आसानी से देख सकता है.

मोबाइल गेम
आप अपने बच्चों का ज्ञान बढ़ाने के लिए उन्हें मोबाइल या लैपटॉप देते हैं, लेकिन वो इसका उपयोग किसी और ही चीज के लिए करते हैं. तरह- तरह के गेम डाउनलोड कर लेते हैं और पूरा दिन उसमें ही लगे रहते हैं.

दिनभर वीडियो या मूवी देखना
कई बच्चे तो इंटरनेट पर सारा दिन मूवी या वीडियो ही देखते ही रहते हैं. कुछ बच्चों को तो इसकी इतनी बुरी लत लग जाती है कि बिना वीडियो देखे वे न ही खाना खा सकते हैं और न ही उन्हें नीद आती है. इसकी वजह से न तो बच्चा पढ़ाई पर ध्यान दे पाता है और न ही किसी और चीज में.

सेहत के लिए हानिकारक है मोबाइल
बच्चों का मोबाइल के प्रति बढ़ता रूझान उन्हें आउटडोर गेम्स से भी दूर करता है. जिसकी वजह से उनका शारीरिक विकास थम जाता है. न तो उनमें उतनी ज्यादा ऊर्जा होती है और न ही शारीरिक व्यायाम हो पाता है. इसकी वजह से मोटापा भी बढ़ता है और बच्चों में मोटापा न जाने कितनी बीमारियों को जन्म देता है.