लखनऊ
शराब की लत छुड़ाने वाली टैबलेट्स एंटाब्यूज आपकी हड्डियों को खोखला कर रही है। इससे हल्की सी चोट पर भी हड्डियों में फ्रैक्चर हो सकता है। यह दवा हड्डियों को दोबारा जोड़ने की क्षमता को भी कमजोर बना रही है। सीडीआरआई के वैज्ञानिकों ने शराब छुड़ाने वाली इन दवाओं पर रिसर्च करके इसके दुष्परिणामों को बताया है।

एंटाब्यूज भारत में शराब की लत छुड़ाने के लिए ड्रग एवर्जन थेरेपी में दी जाने वाली सबसे लोकप्रिय दवा है। रिसर्च में पाया गया है कि इस दवा में पाया जाने वाला डाई सल्फाइड हड्डियों को मजबूत बनाए रखने वाली ऑस्टियो ब्लास्ट सेल्स को डैमेज कर रहा है, जिससे हड्डियों की हील करने की क्षमता कम हो रही है। भारत में 30 प्रतिशत लोग शराब का सेवन कर रहे हैं, जिसमें से इनकी औसत आयु 17 साल है। सीडीआरआई के वैज्ञानिक एन चट्टोपाध्याय ने शराब का सेवन करने वाले लोगों में हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस सामने आई है। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2012 में अपनी एक टीम बनाकर इस पर रिसर्च शुरू की।

चूहों पर किया ट्रायल
सीडीआरआई के वैज्ञानिकों ने 72 चूहों पर रिसर्च की। उन्होंने इन चूहों को उतनी ही मात्रा में ये दवाई दी, जितनी शराब की लत लगे लोगों को दी जाती है। उन्होंने देखा कि थायोकार्बमेट डाई सल्फाइड ड्रग ने डाईसल्फयूरियम एसीटेल्डिहाइड की सक्रियता में चूहों की ऑस्टियो ब्लास्ट सेल्स को डैमेज कर दिया है। लगातार एक ही डोज में दवाई देने से करीब एक साल बाद चूहों की हड्डियां खोखली हो चुकी थीं। किसी मनुष्य को इस दवाई की 30 मिलीग्राम/किलोग्राम की डोज दी जाती है।

शुरू होगा क्लीनिकल ट्रायल
वैज्ञानिकों ने इस दवाई के घातक परिणामों को सामने लाने के बाद अब एम्स का नैशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (एनडीडीटीसी) WHO के सहयोग से इस पर क्लीनिकल ट्रायल शुरू करेगा। इसके लिए टीम ने भारत सरकार के बायोटेक्नॉलजी विभाग से अनुदान भी प्राप्त कर लिया है। वे इस दवा के डोज को कम करके इस पर प्रयोग करेंगे।