चीन की सेना भले ही भारत में घुसपैठ ना कर सके पर चीनी सामानों की कम्पनियों नें भारत में तगड़ी घुसपैठ कर रखी है, "चीनी वस्तुओं के बहिष्कार" वाले पोस्टर बैनर चीनी मशीनों में ही छपते है, और भारतीय सड़को पर चीनी सामानों में आग लगाने वाली माचिस तक चीन की बनी होती है..


हम बेहतर उपभोक्ता है, जो वस्तुएं खरीदते वक्त मुल्य के महत्व को भी प्राथमिकता देते है, देशप्रेम अपनी जगह ठीक है, लेकिन आनन्दित जीवन के लिए आवश्यक वस्तुएं चीन से आये या चौमु से, हमें फर्क नहीं पड़ता, सरकार भी मन ही मन तो सब समझती ही है, देश के भीतर और देश के बाहर परिस्थितियां भिन्न है, इन्ही के तालमेल में, सरकार कभी मजबुत नजर आती है, कभी मजबुर ...


जिन्दगी में सिर्फ स्वाभिमान के गीत ही नहीं, समझौते के गीत भी खासे अहमियत रखते है ...