आचार्य चाणक्य एक बड़े दूरदर्शी विद्वान थे। चाणक्य की नीतियों में उत्तम जीवन का निर्वाह करने के बहुत से रहस्य समाहित हैं, जो आज भी उतने ही कारगर सिद्ध होते हैं। आचार्य चाणक्य ने कुछ ऐसी बातों के बारे में बताया है जो कुछ ही पलों के लिए आनंद देती हैं। उसके बाद वे नष्ट हो जाती हैं। 

आचार्य चाणक्य के अनुसार जब आकाश में बादल घिरते हैं तो उसकी छाया सबको सुखद एहसास देती है। बादलों को देखकर व्यक्ति को गर्मी से राहत मिलती है। लेकिन छाया का ये आनंद पलभर का ही होता है। बादल थोड़ी देर के लिए आकर चले जाते हैं। जिसके बाद सूर्य की गर्मी बढ़ जाती है। 

बुरे व्यक्ति की न तो मित्रता अौर न ही शत्रुता अच्छी होती है। ऐसे लोगों की सेवा करने से कोई लाभ नहीं मिलता। इस प्रकार के लोगं से दूर रहने में ही भलाई है। गलत कार्य करने वाले लोगों की संगति से भले ही हमें लाभ मिल सकता है लेकिन व्यक्ति बड़ी-बड़ी परेशानियों में फंस सकता है। इनसे बचकर रहने में ही भलाई है। 

दुष्ट व्यक्ति किसी का हितैषी नहीं होता। ऐसे व्य़क्ति की प्रेम पलभर के लिए ही होता है। दुष्ट व्यक्ति पलभर में ही प्रेम भूलकर दुष्टता कर सकते हैं। इन लोगों का प्रेम थोड़े समय के लिए ही आनंद दे सकता है। इन व्यक्तियों के क्षणिक प्रेम में न उलझकर इनसे दूरी बनाकर सुखी रहा जा सकता है। 

तिनके की आग भी कुछ क्षण के लिए ही रोशनी करती है। तिनके की आग कुछ पल के लिए अंधकार दूर कर रोशनी का आनंद देती है।