आगरा .  सामान्य तौर पर मान्यता है कि रक्षाबंधन के मौके पर एक भाई ही अपनी बहन को तोहफा देता है, लेकिन आगरा में एक बहन ने रिवाजों के उलट अपने भाई को 'तोहफा' देकर उसकी जिंदगी बचा ली। वंदना चंद्रा नामक महिला ने अपने छोटे भाई को किडनी देकर भाई-बहन के इस पावन पर्व पर एक मिसाल कायम की।

आगरा जिला अदालत में सीनियर एडवोकेट विवेक साराभॉय (38) ने बताया, 'बीमारी की वजह से मेरी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। हमने ऐम्स, सफदरजंग, लखनई पीजीआई, वेदांता, अपोलो सहित कई सारे हॉस्पिटल्स में गए लेकिन कोई डोनर नहीं मिला। मेरी हालत गंभीर होती जा रही थी और समय भी कम ही बचा था। ऐसे में मेरी बहन आगे आईं और अपनी किडनी देकर मुझे दूसरी जिंदगी दी।'

 

वंदना शादीशुदा हैं और उनकी 12 साल की बेटी भी है। ऐसे में घरेलू जिम्मेदारियों के बीच भाई को किडनी देकर उन्होंने मिसाल कायम की है। उन्होंने बताया, 'मुझे अपने भाई से प्यार है। वह मुश्किल समय में मेरे साथ खड़ा रहा है। उसकी जिंदगी बचाना मेरी प्राथमिकता थी। इस बार का रक्षाबंधन मेरे लिए बेहद स्पेशल है। विवेक अब मौत के मुंह से बाहर चुका है, जिससे खुशी दोगुनी हो गई है।'