रायसेन से गुमशुदा हुआ बालक भोपाल में मिला,परिजनों ने शक के आधार पर की मारपीट
रायसेन।
एक बालक को भगाने के शक में परिजनों ने उसके दोस्त को दुकान पर बुलाकर मारपीट की। मारपीट का यह मामला थाने पहुंच गया है। एक दिन पहले बुधवार को व्यापारी अशोक राठौर का पुत्र मनु बिना बताए कहीं चला गया।

हालांकि यह बालक भोपाल में मिल गया और परिजन उसे वापस घर भी ले आए हैं, लेकिन मनु के परिजन आशीष राठौर, अभिषेक राठौर और अशोक राठौर ने सांची मार्ग पेट्रोल पम्प के सामने निवास करने वाले सौरभ नामदेव पुत्र जगदीश नामदेव को अपनी  दुकान पर बुलाया और मनु को बिगाडऩे व उसे घर से भगाने का आरोप लगाकर उसके साथ ,मारपीट की। जब गौरव के साथ मारपीट करने की जानकारी लगी तो उसके परिजन रामलीला क्षेत्र पहुंच गए और उनके चंगुल से गौरव को छुड़ाकर थाने लेकर पहुंचे। यहां पर मनु के परिजनों के खिलाफ  मारपीट करने की शिकायत की गई।

वहीं जगदीश नामदेव ने बताया कि रायसेन से बहार गया था और इस दौरान मेरे पुत्र को बलपूर्वक उठाकर बंधक बनाते हुए उसके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया। वहीं रवि कम्प्यूटर के संचालक रवि ताम्रकार ने बताया कि अभिषेक राठौर द्वारा यशवंत नगर में स्थित मेरी कम्प्यूटर की दुकान में भी तोड़ फोड़ की गई और दुकान को तहस नहस कर दिया गया और सीसीटीव्ही की हार्ड डिस्क ले गए। रवि ताम्रकार ने बताया कि मैं उत्तरप्रदेश में हूं और इस तरह मेरी दुकान में तोडफ़ोड़ किए जाने की शिकायत मैंने एसपी रायसेन एवं थाना कोतवाली टी आई से फैक्स के माध्यम से की है और रायसेन आने के बाद कोतवाली में शिकायत दर्ज करवाउंगा।


मनु के थे महंगे शौक:-
वहीं सूत्रों की माने तो मनु की उम्र कम थी और इस उम्र में ही महंगे मोबाइल रखने का शौक और घूमने के शौक के चलते घर से बिना बताए वह भोपाल चल गया गया। परिजनों द्वारा मिसिंग रिपोर्ट थाना कोतवाली में दज कराई गई। जहां पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर बालक को भोपाल में खोज लिया गया। वहीं बालक के मिलने के बाद परिजनों द्वारा मनु को बिगाडऩे के शक में जगदीश नामदेव  के पुत्र से मारपीट की और वहीं जगदीश नामदेव का पुत्र रवि कप्म्यूटर पर काम करता है वहां जाकर भी तोडफ़ोड़ की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।