पुन: जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर मुमताज खान के नाम पर एकजुट हुए कांग्रेसी
रायसेन।
शनिवार को रायसेन जिला मुख्यालय के सांची मार्ग पर स्थित अहमद मैरिज हॉल में कांग्रेस की बैठक आहुत की गई। जिसमें महाराष्ट्र से आए जिला निर्वाचन अधिकारी एस क्यू जमा ने बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष की चुनावी प्रक्रिया को विस्तार से बताते उससे पहले ही जिले भर से आए कांग्रेसी दिग्गज नेताओं ने वर्तमान कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुमताज खान को फिर से कांग्रेस जिला अध्यक्ष बनाए जाने के लिए एकजुट हो गए और बैठक में शामिल हुए कांग्रेस पदाधिकारी एवं अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भी मुमताज खान के नाम पर अपनी सहमति दी। रायसेन में ऐसा पहली बार देखने को मिला जब अलग-अलग गुटों में बिखरी हुई कांग्रेस जिलाध्यक्ष के लिए एकजुट होती हुई नजर आई।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी एसक्यू जमा ने भी रायसेन कांग्रेस की एकजुटता को देखते हुए तारीफ की और कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी इस तरह एकजुट होकर कांग्रेस चुनावी मैदान में दिखाई देगी तो 2018 में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्ता में काबिज हो जाएगी। बैठक में कांग्रेस जिला प्रभारी डॉ.शशि प्रभा राजपूत, सांची के पूर्व विधायक डॉ.प्रभुराम चौधरी, पूर्व विधायक उदयपुरा भगवान सिंह राजपूत, पूर्व विधायक सिलवानी देवेन्द्र पटेल, किसान कांग्रेस सचिव सुरेन्द्र सिंह रघुवंशी, जिला संगठन मंत्री  नारायण सिंह ठाकुर,मजहर कबीर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हकीम उद्दीन मंसूरी, कांग्रेस नगर अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी, कमलेश राजपाल, राजेन्द्र सिंह तोमर, विट्टू सिंह राणा, अशोक राही,  युवा कांग्रेस वि.सअध्यक्ष संदीप मालवीय, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हर्ष वर्धन सिंह सोलंकी,मिर्जा मसर्रत बेग,गुड्डा बघेल, विकास शर्मा, पार्षद श्रीमति सलमा सिद्दीकी, इमरान खान, असलम खान,भगवान दास लोहट, लाड़ले भाई,दीपक दुबे, कम्मू सेन सहित जिलेभर से कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे। 


संगठन की जिम्मेदारी से किनारा:-
कांग्रेस संगठन की जिम्मेदारी लेने के लिए कांग्रेस नेताओं में खास रूचि नहीं है। वर्तमान में कांग्रेस के कई नेता आगामी 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव में विधायक के टिकिट के लिए ज्यादा उत्सुक होकर अपना ग्राउंड तैयार करने में लगे हुए है। वर्तमान में कांगे्रस जिलाध्यक्ष मुमताज खान पर भले ही कांग्रेसियों ने अपनी रायशुमारी बनाते हुए पुन: जिलाध्यक्ष बनाए जाने की सहमति दे दी है। लेकिन पूर्व में संगठन की जिम्मेदारी ना संभाल पाने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुमताज खान इस्तीफा देने की पेशकश भी कर चुके है। लेकिन प्रदेश कांग्रेस संगठन ने इनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया था। मुमताज खान कांग्रेस के स्वच्छ छवि के नेता रहे है और कांग्रेस संगठन को बखूबी 10 साल तक चलाया है और इस बार मौका मिलने के बाद उन्हें फिर 5 साल की जिम्मेदारी भी मिल जाएगी और उनका कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनना तय हो गया है।


चाहिए टिकिट इसलिए नहीं हुए तैयार:-
वहीं कांग्रेस के विश्वसनीय  सूत्रों की माने तो सांची से पूर्व विधायक डॉ.प्रभुराम चौधरी, सिलवानी पूर्व विधायक देवेन्द्र पटेल, उदयपुरा पूर्व विधायक भगवान सिंह राजपूत आगामी विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस से विधायक का टिकिट की दौड़ में है और अगर यह तीनों दिग्गज नेता कांग्रेस जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल होते और इन तीनों में से अगर कोई एक जिलाध्यक्ष बनता तो कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनने के बाद विधायक का टिकिट लेने के क्राईट एरिया से बहार हो जाते है और जिलाध्यक्ष बनने के बाद विधायक का टिकिट नहीं मिल पाता। इसलिए जिलाध्यक्ष की दौड़ में पीछे रहे। वहीं कहीं ना कहीं रायसेन की कांग्रेस की राजनीति में पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी का भी प्रभाव रहता है और उनकी भी वर्तमान कांगेस जिलाध्यक्ष मुमताज खान के नाम पर  सहमति थी इसलिए कांग्रेस के दिग्गज नेता जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल नहीं हुए और सांची के पूर्व विधायक डॉ.प्रभुराम चौधरी के भोपाल होशंगाबाद रोड़ पर स्थित निवास पर डीआरओ के आने से पहले ही 10 अगस्त को एक रायशुमारी होने की स्क्रीप्ट तैयार कर ली गई थी।