जबलपुर हाईकोर्ट ने 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के एक पीड़ित परिवार को बड़ी राहत दी है. हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को 20 लाख रुपए देने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं.

हरजिंदर कौर की ओर से दायर की गई रिट याचिका में कहा गया था कि राज्य सरकार ने 18 मार्च 2016 को दंगों में पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपए प्रति व्यक्ति मृत्यु के हिसाब से देने का वादा किया था जो अब तक पूरा नहीं किया गया.

पीड़ित लंबे समय से जिम्मेदार अधिकारियों के चक्कर काट रही है. अदालत ने याचिका में बताए गए तर्कों को सुनने के बाद पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया और 6 माह के अंदर पीड़ित महिला को 20 लाख रुपये देने का आदेश दिया.

बता दें कि हरजिंदर कौर रायसेन जिले की निवासी थी जो फिलहाल पंजाब जा बसी हैं. 1984 में हरजिंद्र कौर के पिता हरमात्मा सिंह, माता सुरजीत कौर, भाई गुरदेव सिंह और भाभी गुरुचरण कौर की मौत हो गई थी, जिसके बाद सरकार ने तत्काल तो मुआवजा राशि दे दी थी लेकिन बाद में मुआवजा राशि कम बताते हुए 5 लाख रुपए और देने का वादा किया, जो पूरा नहीं हुआ. बहरहाल हरजिंदर कौर के हक में आया यह फैसला दंगों में बाकी पीड़ित परिवार के लिए मील का पत्थर साबित होगा.