इलाहाबाद. गोरखपुर बीआरडी अस्पताल में कथित तौर पर ऑक्सिजन की सप्लाई बाधित होने की वजह से हुई बच्चों की मौत के मामले में योगी सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एक तरफ विपक्षी दल सरकार पर संवेदनहीनता और नाकामी का आरोप लगा रहे हैं, वहीं अब हाई कोर्ट ने भी जवाब मांगा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा है कि मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में हुई बच्चों की मौत की वजह बताएं। योगी सरकार इस बात को मानने से इनकार करती रही है कि ऑक्सिजन सप्लाई बाधित होने से बच्चों की मौत हुई।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है। उधर, बच्चों की मौत के मामले में गुरुवार को लखनऊ की एक अदालत में मुकदमे की अर्जी भी दाखिल की गई है। इस अर्जी में ऑक्सिजन सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स के निदेशक मनीष भंडारी व ऑफिस हेड मीनू वालिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। 

राहुल गांधी कल जाएंगे गोरखपुर

गोरखपुर में मासूमों की हुई मौत ने राजनीतिक गलियारे में भी हलचल मचा कर रख दी है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को गोरखपुर जा रहे हैं। गुलाम नबी आजाद और राज बब्बर जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने घटना के तुरंत बाद गोरखपुर का दौरा कर लापरवाही का आरोप लगा योगी सरकार पर हमला बोला था। राहुल गांधी भी अपने दौरे के दौरान प्रदेश सरकार पर निशाना साध सकते हैं। 

शुक्रवार को यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोरखपुर में बच्चों की मौत का मामला उठाया। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को सीबीआई से बहुत लगाव है, सीबीआई भी उनके अधीन है, कई जांचों के साथ सीबीआई की भी जांच हो।  गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने घटना के बाद मृतक बच्चों के परिजनों लिए पार्टी फंड से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की थी। अखिलेश ने गोरखपुर का दौरा भी किया था।