राजस्थान के धौलपुर और भरतपुर के जाटों को आखिरकार बुधवार को ओबीसी आरक्षण में शामिल कर लिया गया. जाटों को आेबीसी सूची की क्रम संख्या-54 में शामिल किया गया है.

इसी के साथ लंबे समय से आरक्षण को लेकर चल रहे जाटों का आंदोलन भी समाप्त हो गया है. आेबीसी सूची की क्रम संख्या-54 में शामिल किया गया है. इस फैसले के बाद जाटों के बीच जश्न का माहौल है.

जाटों को ओबीसी में आरक्षण के लिए सर्कूलेशन के जरिए कैबिनेट ने इसपर मंजूरी दी है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की गई है. यह अधिसूचना न्याय और अधिकारिता विभाग ने जारी की. ओबीसी आयोग ने सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में धौलपुर, भरतपुर के जाटों को आरक्षण की सिफारिश की थी.

हाईकोर्ट ने लगाई थी आरक्षण पर रोक

 

साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने धौलपुर और भरतपुर के जाटों का ओबीसी आरक्षण सूची से हटा दिया था. इसे बाद से दोनों जिलों के जाट आंदोलनरत थे. दो महीने पहले ही राजस्थान में जाटों का आंदोलन उग्र हो गया था. आंदोलनकारियों ने भरतपुर, धौलपुर के कस्बों को बंद करा दिया था, रेलवे स्टेशन पर रेललाइन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था. भरतपुर रेल और सड़क यातायात भी पूरी तरह से बाधित हो गया था.