सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा समिति की सिफारिश नहीं लागू करने पर एक बार फिर बीसीसीआई की खिंचाई की. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस संबंध में बीसीसीआई के तीन अधिकारियों को नोटिस जारी किया है.

उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि आखिर लोढ़ा समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों को अबतक क्यों नहीं लागू किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के 26 जुलाई की एसजीएम में लोढ़ा समिति की के सुझावों को अपनाने के लिए कहा था. कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) की पांचवीं स्टेटस रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई.

दरअसल, सीओए ने जानबूझकर न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करने को लेकर पिछले बुधवार को बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना, सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी को हटाने की मांग की थी.

 

सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश एमिकस क्यूरी गोपाल सुब्रह्मण्यम की दलील पर दिए हैं. जिसमें उन्होंने शीर्षस्थ कोर्ट के तीन न्यायाधीशों की बेंच को बताया कि बीसीसीआई ने 24 जुलाई के लोढ़ा समिति की रिपोर्ट में से कुछ भी लागू नहीं किया है. कोर्ट ने बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति से नया संविधान बनाकर उसे पेश करने को कहा है. बीसीसीआई-सीओए मामले में अब अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी.