लोक देवता बाबा रामदेव का मेला शुरू हो गया है. मसूरिया स्थित बाबा रामदेव के गुरू बालीनाथ की समाधि स्थल पर आस्था का सैलाब उमड़ रहा है. मंदिर प्रांगण में स्थित परचा नाड़ी में लोग डुबकी लगा रहे हैं.

वहीं कुछ लोग आस्था या अंधविश्वास में अपने रिश्तेदारों को बुरी आत्मा (भूत) से छुटकारा दिलाने के लिए इस नाड़ी में जबरन डुबकी लगवा रहे हैं. परचा नाड़ा पर गुरुवार की सुबह से कई लड़कियों को बुरी आत्मा से छुटकारा दिलाने के नाम पर बाल पकड़कर जबरन परचा नाड़ी में स्नान कराया गया.

जोधपुर में मसूरिया पहाड़ी स्थित बाबा रामदेव का 633वां मेला सुबह आरती के साथ शुरू हुआ. मेले में भाग लेने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में लोग जोधपुर पहुंच चुके हैं. मेले में आने वाले लोगों के बीच मान्यता है कि यहां बने तालाब परचा नाड़ी में डुबकी लगाने से बुरी आत्मा से छुटकारा मिल जाता है.

 सुबह दिल्ली से कुछ लोग एक लड़की को लेकर परचा नाड़ी पहुंचे. नाडी के निकट पहुंच लड़की बुरी तरह से कांपने लगी. इसके बाद परिजनों ने कुछ स्थानीय युवकों के सहयोग से लड़की को पकड़ कर जबरन पानी में उतार दिया. लड़की के विरोध को दरकिनार करते हुए इन लोगों ने बाबा के जयकारों के बीच उसके बाल पकड़ पानी में कई डुबकी लगवा दीइसी तर्ज पर कुछ और लड़कियों को भी पानी में डुबकी लगाई गई. उसके साथ आए परिजनों का कहना था कि इसमें बुरी आत्मा का साया है. अब बाबा की शरण में आने से बुरी आत्मा से छुटकारा मिल जाएगा. बाल पकड़कर जबरन पानी में डुबकी लगाए जाने के कारण लड़कियां बुरी तरह से घबरा गईं और उनके मुंह से बोल भी नहीं फूट रहे थे.

असहाय की स्थिति में वे पूरी तरह से अपने परिजनों को ताक रही थीं. सदियों पुराने इस तालाब को लेकर लोगों में जोरदार आस्था है. बड़ी संख्या में लोग यह मानते हैं कि इसके पानी से चर्म रोग ठीक हो जाते हैं. इस कारण कई लोग बोतल में इसका पानी भी भरकर अपने साथ ले जाते हैं.

 

मनोचिकित्सक डॉक्टर जी डी कूलवाल की मानें तो आस्था अपनी जगह है और चिकित्सा अपनी जगह, हर मरीज का इलाज होना चाहिए. इस तरह से जबरदस्ती करने से बेहतर है कि आप मरीज का इलाज करवाएं.