यूपी एटीएस आतंकियों से निपटने के लिए बड़ी कमांडो यूनिट बनाने जा रही है. इससे आतंकवाद, नक्सलवाद इत्यादि जैसी समस्याओं से निपटने में काफी मदद मिलेगी. वहीं यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण का दावा है कि सितंबर से इस यूनिट को चालू किया जा सकता है.

असीम अरुण ने बताया कि बीते 22 अगस्त को सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी एटीएस के अधिकारियों के साथ बैठक करके इस यूनिट तो जल्द शुरु करने का आदेश अफसरों को दिया है. इस पर योगी सरकार के पास पहले से प्रपोजल भेजा चुका है. सरकार इस यूनिट को शुरु करने पर अंतिम मोहर लगा सकती है. बता दें कि अमौसी एयरपोर्ट के पास बिल्डिंग पूरी तरह बनकर तैयार हो चुकी है. एटीएस के पुलिस महानिरीक्षक असीम अरुण ने बताया कि जल्द ही सरकार इस पर फैसला लेने जा रही है. जिसके बाद हम लोग स्टाफ की भर्ती करेंगे.

वहीं इस यूनिट में एक एसपी समेत डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की जाएगी. अत्याधुनिक हथियारों से लैस इस कमांडो यूनिट में तेज तर्रार जवानों को शामिल किया जाएगा. फिलहाल बस अब इंतजार हैं तो सरकार से हरी झंडी मिलने का. एटीएस के आईजी असीम अरुण ने कहा कि एटीएस की लखनऊ के अलावा 10 जिलों में छोटी-छोटी इकाइयां बनी हुई हैं. एक तो पूरे भौगोलिक क्षेत्र को कवर करने के लिए है, दूसरे यह देखने के लिए कि किन-किन क्षेत्रों में गतिविधियां ज्यादा होती हैं.

यूपी में एटीएस के एक्शन में बढ़ोत्तरी आने के बारे में असीम अरुण बताते हैं कि प्रदेश में आतंकी गतिविधि नहीं बढ़ी, उनका पकड़ा जाना बढ़ा है. जब ऐसी धरपकड़ होती है तो समझ आता है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कुछ आम दिक्कतें हो सकती हैं. लोग आसानी से फर्जी आईडी तक बनवा लेते हैं. इन चीजों को रोकने के लिए पुलिस और अन्य विभाग मिलकर काम कर रहे हैं.

 

वैसे पिछले कुछ महीनों में यूपी एटीएस के प्रदर्शन पर गौर करें तो इसमें एनआईए के साथ ही महाराष्ट्र एटीएस, मध्य प्रदेश पुलिस, पंजाब पुलिस सहित तमाम एजेंसियों से समन्वय आतंक की कमर तोड़ने में कारगर साबित हुआ है.