पल्लेकल .  भारत ने श्री लंका को तीसरे और आखिरी वनडे में श्री लंका को 6 विकेट से हराकर मैच जीत लिया है। इसके साथ ही भारत ने पांच वनडे मैचों की सीरीज पर 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है। भारत को जीत के लिए 217 रनों का लक्ष्य मिला था जिसे उसने ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत का स्कोर 44 ओवर में 210 रन था जब दर्शकों ने मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। इसके बाद मैच काफी देर तक रुका रहा।

भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही जब लसिथ मलिंगा ने शिखर धवन को बोल्ड कर दिया। इस समय भारत का स्कोर 9 रन था। धवन ने 5 रन बनाए थे। 19 के स्कोर पर भारत को दूसरा झटका लगा जब कप्तान विराट कोहली फर्नांडो की गेंद पर फाइन लेग पर कैच आउट हो गए। कोहली ने लेग स्टंप से बाहर जाती गेंद को फ्लिक किया लेकिन उसे नीचे नहीं रख पाए और चमीरा ने उनका कैच पकड़ लिया।

तीसरे विकेट के लिए रोहित शर्मा और केएल राहुल ने भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन पिछले मैच मेंं श्री लंका के लिए उम्मीद बनकर आए अकिला धनंजय ने एक बार फिर कमाल दिखाया। धनंजय ने आते ही राहुल को चलता किया। शॉट बॉल पर राहुल ने पुल करने की कोशिश की लेकिन वह डीप मिडविकेट पर खड़े थिरिमने को कैच दे बैठे। धनंजय ने अपने अगले ओवर में केदार जाधव को LBW कर अपनी टीम को मैच में वापसी दिला दी।

भारत 61 रनों पर चार विकेट खोकर संकट में था लेकिन यहां से रोहित और धोनी ने भारतीय पारी को कोई और नुकसान नहीं होने दिया। रोहित ने इस बीच अपने वनडे करियर का 12वां शतक भी पूरा किया और धोनी ने 65वां अर्धशतक पूरा किया।

इससे पहले, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी से भारत ने तीसरे वनडे इंटरनैशनल क्रिकेट मैच में रविवार को श्री लंका को नौ विकेट पर 217 रन के स्कोर पर रोक दिया। बुमराह ने 27 रन देकर पांच विकेट चटकाए और शुरु से ही श्री लंका के बल्लेबाजों को परेशान किया। केदार जाधव (12 रन पर एक विकेट), अक्षर पटेल (35 रन पर एक विकेट) और हार्दिक पंड्या (42 रन पर एक विकेट) ने उनका अच्छा साथ निभाया।

श्री लंका की तरफ से टीम में वापसी कर रहे लाहिरु थिरिमाने ने 105 गेंद में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से सर्वाधिक 80 रन बनाए। उन्होंने सलामी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल (36) के साथ तीसरे विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी भी की। इन दोनों के अलावा निचले क्रम में बल्लेबाजी करने उतरे मलिंदा श्रीवर्धने (29) ही 20 रन के आंकडे को पार कर पाए।

 

चंडीमल के अंगूठे में हेयरलाइन फ्रैक्चर भी है और वह मैच में आगे हिस्सा नहीं ले पाएंगे। नियमित कप्तान उपुल थरंगा पर दो मैचों के प्रतिबंध के कारण कार्यवाहक कप्तान की जिम्मेदारी निभा रहे चामरा कपुगेदारा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शुरु से ही मेजबान टीम के बल्लेबाजों पर शिकंजा कस दिया।

टीम ने पारी की शुरुआत निरोशन डिकवेला (13) और टेस्ट कप्तान चंडीमल की नई जोड़ी के साथ की। डिकवेला ने भुवनेश्वर कुमार की पारी की पहली गेंद पर चौका जडा लेकिन अगले ओवर में बुमराह ने उन्हें काफी परेशान किया। बुमराह ने चौथे ओवर की पहली गेंद पर डिकवेला को पगबाधा किया लेकिन डीआरएस लेने पर रीप्ले में पता चला कि गेंद लेग साइड के बाहर पिच हुई थी और तीसरे अंपायर ने उन्हें नाबाद करार दिया। इसी ओवर की चौथी गेंद पर बुमराह ने डिकवेला के खिलाफ पगबाधा की एक और विश्वसनीय अपील की लेकिन मैदानी अंपायर ने बल्लेबाज को नाबाद करार दिया।

 

भारत ने इसके बाद डीआरएस का सहारा लिया और इस बार भी तीसरे अंपायर ने रीप्ले देखने के बाद मैदानी अंपायर के फैसले को बदलते हुए डिकवाला को आउट दिया। रोहित शर्मा ने बुमराह की गेंद पर कुसाल मेंडिस (01) का बेहतरीन कैच लपककर आठवें ओवर में श्री लंका का स्कोर दो विकेट पर 28 रन किया। थिरिमाने और चांदीमल ने इसके बाद पारी को संवारा। चांदीमल ने भुवनेश्वर पर चौका जड़ा जबकि थिरिमाने ने हादर्कि पंड्या का स्वागत चौके के साथ किया। दोनों ने 14वें ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया।