ओलिंपिक रजत पदक विजेता भारत की पीवी सिंधू को आज यहां विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के महिला एकल फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ रोमांच की पराकाष्ठा पर पहुंचे मैच में शिकस्त के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा और साथ ही वह इस खेल में देश की पहली विश्व चैंपियन बनने से भी चूक गई।

इस मुकाबले में दोनों ही खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। 110 मिनट तक चला यह मैच फिटनेस, पावर गेम और लंबी रैली का सुंदर नजारा था।

सिंधु पहली बार वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची थी। इससे पहले उन्होंने 2013 और 2014 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। दोनों ही बार वह सेमीफाइनल में हारी थीं।

ओकुहारा ने मैच का पहला पॉइंट जीता। इसके बाद जल्द ही सिंधु ने 2-1 की बढ़त बना ली। सिंधु पहले गेम में 3-5 से पीछे थीं लेकिन शानदार गेम दिखाते हुए उन्होंने लगातार 8 पॉइंट जीतकर इंटरवल तक 11-5 की बढ़त बना ली।

 

ओकुहारा ने इससे पहले सेमीफाइन में भारत की ही एक अन्य दिग्गज खिलाडी साइना नेहवाल को हराया था। साइना ने कांस्य पदक जीता और इस तरह भारत के लिए यह विश्व चैंपियनशिप यादगार रही और देश इतिहास रखते हुए पहली बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दो पदक जीतने में सफल रहा। यह दोनों की बीच सातवीं भिड़ंत थी, जिसमें ओकुहारा ने चौथी बार जीत दर्ज की है। ओकुहारा जापान के लिए विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला हैं।