जयपुर /नई दिल्ली . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को राजस्थान को करीब 15 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का तोहफा देंगे। इनमें से करीब साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये के प्रॉजेक्ट्स तैयार हो चुके हैं, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री जनता को समर्पित करेंगे, जबकि साढ़े नौ हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उदयपुर से ही शिलान्यास किया जाएगा।

इसी तरह से उदयपुर में एनएच 8 का चौड़ीकरण, राजसमंद से भीलवाड़ा तक की रोड का निर्माण भी है। इस रोड के निर्माण पर ही 1360 करोड़ रुपये की लागत आयी है। इसके अलावा मोदी जिन परियोजनाओं का भूमिपूजन करेंगे, उनमें जयपुर रिंग रोड भी शामिल है। इसके निर्माण पर 1668 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम को अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस तरह से परोक्ष रूप से राज्य में बीजेपी ने अपनी चुनावी तैयारी शुरू कर दी है।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री कुल मिलाकर 5610 करोड़ रुपये की लागत से तैयार परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें कोटा में एक नदी पर बना 1.4 किलोमीटर का केबिल ब्रिज है, जिसके निर्माण पर 278 करोड़ रुपये की लागत आई है।

मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि राजस्थान मे ही हाईवे नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर प्लानिंग की जा रही है। मंत्रालय की योजना है कि अगले दो साल के भीतर एक लाख करोड़ रुपये के रोड प्रॉजेक्ट्स को राजस्थान में मंजूरी दी जाए। इसकी वजह अगले साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव हैं।

 

दरअसल, इन चुनावों के बाद ही लोकसभा चुनाव होते हैं। चूंकि इस बार यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि लोकसभा चुनाव वक्त से पहले हो जाएं, तो ऐसी स्थिति के लिए पार्टी और मोदी सरकार अभी से डट गई है। राजस्थान इसलिए भी बीजेपी के लिए अहम है, क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव में यहां पार्टी ने सभी 25 सीटें जीती थीं। अब पार्टी के लिए उन सीटों को अपने कब्जे में बनाए रखने की चुनौती होगी।