जयपुर . साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सश्रम कारावास की सजा के बाद गुरमीत राम रहीम के लिए अगले महीने की 7 तारीख को मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. साध्वी यौन शोषण के अतिरिक्त राम रहीम के खिलाफ एक युवती को गायब करने के आरोप भी हैं और कोर्ट ने अब सभी पक्षों को तलब किया है. कोर्ट की इस सुनवाई में राम रहीम को भी पेश किए जाने की संभावना है.

यह है पूरा मामला

राम रहीम के खिलाफ जयपुर के जवाहर सर्किल थाने में यह 7 मई 2015 मामला दर्ज हुआ था. राम रहीम पर एक युवक ने अपनी पत्नी को गायब करने का आरोप लगाया था. कमलेश नाम के इस युवक ने कोर्ट में परिवाद दर्ज कराते हुए बताया था कि वो और उसकी पत्नी गुड्डी राम रहीम के सिरसा आश्रम में गए थे जहां उसकी पत्नी को कैद कर लिया गया. यह घटना 24 मार्च 2015 की है. उसकी पत्नी को डेरा का एक सेवादार सिरसा स्थित आश्रम लेकर गया था लेकिन वहां 29 मार्च 2015 को गुड्डी को सेवादार यह कहकर अपने साथ ले गया कि उसे बाबा की सेवा में जाना है. उसके बाद से गुड्डी कभी नहीं लौटी.

पुलिस ने जांच बंद कर लगा दी एफआर

कमलेश की तरफ से राजस्थान हाई कोर्ट में भी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई थी. कमलेश के अधिवक्ता बाबूलाल बैरवा के पूरे मामले में जांच के बाद प्रोग्रोस रिपोर्ट में राम रहीम के डेरा में अनुमति नहीं मिलने और जांच नहीं कर पाने की बात कहते हुए पुलिस ने एफआर लगा दी थी.

सीबीआई कोर्ट में सजा के बाद फिर उम्मीद

पीड़िता के पति कमलेश ने पुलिस की एफआर के बाद फिर से अदालत में गुहार लगाई. जिस पर 7 सितम्बर को सुनवाई होनी है. इसी दिन कमलेश की कोर्ट में गवाही होनी है. मामले में पीड़ित के अधिवक्ता ने राम रहीम पर अपहरण का आरोप लगाया है. कमलेश ने सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले में भी न्याय की उम्मीद जताई है.