आजकल सेहत से जुडी छोटी-छोटी परेशानियां आम सुनने को मिलती हैं। मौसम में जरा सा बदलाव आने पर सर्दी,खांसी,जुखाम,बुखार,सिर दर्द, पेट की इंफैक्शन के अलावा और भी कई परेशानियां हो जाती हैं। जिनसे पीछा छुड़ाने के लिए हम अक्सर बचपन में दादी मां के नुस्खों के बारे में याद करते हैं। घर पर ही बड़ी आसानी से मिलने वाले यह नुस्खें सेहत से जुडी दिक्कतों को दूर करने में बेहद असरदायक हैं और हमारे बुजुर्ग सदियों से #Kudratkasaath लिए छोटी-मोटी परेशानियों से दूर रहते आए हैं, जिनको हम आज भी अपनाकर खुद को और परिवार को स्वस्थय रख सकते हैं। आइए जानिए ऐसे ही कुछ आसान और घरेलू नुस्खों के बारे में जो आपको लिए फायदेमंद हो सकते हैं। 


1. तुलसी का काढ़ाः खांसी और गले की खराश

इसके लिए आपको 10 पत्ते तुलसी, 1 पीस अदरक(कद्दूकस किया हुआ), लेमनग्रास का एक तना(कटा हुआ),4 टीस्पून गुड और 6 कप पानी की जरूरत है। 

इस तरह करें सेवन
गले की खराश और खांसी से राहत पाने के लिए तुलसी के पत्ते, कद्दूकस किया हुआ अदरक और लेमनग्रास को 6 कप उबलते पानी में डालें और 4-5 मिनट तक उबलने दें। इसके बाद इसमें गुड़ डालकर उबालें,जब तक कि यह काढ़े में घुल न जाए। इसे छानकर  पीएं। खांसी और गले की खराश से राहत मिलेगी। 

2. कपूर का तेलः साइनस,खांसी और जुकाम

खांसी जुकाम होने पर सिर में दर्द होना आम बात है जिसे साइनस भी कहते हैं। इसमें सिर को जरा-सा छुकाने पर भी तेज दर्द होता है। इसके लिए आपको सिर्फ दो चीजों की जरूरत है, कपूर और पानी। इसके साथ तौलिया लेना न भूलें।
 
इस तरीके से लें भाप
पानी को किसी बर्तन में डालकर गैस पर गर्म होने के लिए रख दें। जब यह अच्छी तरह से उबल जाए तो इसमें कपूर के तेल की कुछ बूंदें मिला लें। सिर को तौलिए से ढक कर भाप लें। भाप लेते समय इस बात को ख्याल रखें कि भाप सिर्फ उतनी ही लें जितनी आप आसानी से सहन कर सकें। भाप लेते समय सांस अंदर की तरफ खींचे। इससे बंद नाक और बलगम से राहत मिलेगी। 

3. नींबू और शहदः पेट की समस्याएं

यह घरेलू नुस्खा पेट दर्द के लिए बहुत कारगर है। इससे पेट को जल्दी आराम भी आ जाता है और खाने में भी स्वादिष्ट होता है। इसके लिए आपको 1 गिलास पानी, आधा नींबू और 1 छोटा चम्मच ऑर्गेंनिक शहद की जरूरत है। 

सेवन करने का तरीका
1 गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस और शहद मिलाकर मिक्स करें। रोजाना सुबह खाली पेट पेय पदार्थ का सेवन करने से पाचन क्रिया में सुधार होता है। इससे पेट में बन रहे एसिड की परेशानी से भी राहत मिलती है।  

4. लौंगः जी मिचलाना और उल्टी

जी मिचलाने पर दादी मां लौंग चबाने की सलाह देती थीं। लौंग के कुदरती गुण और सुगंध जी मिचलाने की परेशानी से निजात दिलाने में बेहद लाभकारी है। उल्टी आने पर दादी मां लौंग के पाउडर में शहद मिलाकर खाने के लिए देती थीं। जिससे उल्टी आना बंद हो जाता है।

5. अजवाइन और पानीः वजन कम

वजन कम करने के लिए यह सबसे आसान उपाय है। इसके लिए आपको 500 मि.ली  पानी और 2 छोटे चम्मच भूनी हुई अजवाइन की जरूरत है। आप इसमें शहद का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 

इस तरह करें इस्तेमाल
सबसे पहले पानी को गैस पर उबलने के लिए रख दें और जब यह उबलने लगे तो इसमें अजवाइन डाल दें। इसे कुछ देर उबाल कर पानी को छान कर पी लें। आप इसमें शहद भी डाल सकते हैं। वजन कम करने के लिए यह नुस्खा बेहद कारगर है। 

6. नीलगिरी का तेलः स्वस्थ त्वचा के लिए

नीलगिरी एक एंटीबायोटिक, एंटीसेप्टिक जड़ी बूटी है। नीलगिरी के तेल की कुछ बूंदे और पानी का इस्तेमाल चेहरे पर चमत्कारी फायदा दिखाता है। 

इस्तेमाल का तरीका
पानी में नीलगिरी के 2-3 बूंदें मिलाएं। अपनी त्वचा के पोर्स को खोलने के इसे एक टोनर की तरह चेहरे पर लगाएं। इसके साथ त्वचा पर मौजूद तेल दूर होता है और त्वचा को ताजगी मिलती है। आप चाहे तो इसमें एलोवेरा जैल की कुछ बूंदे मिला सकते हैं। मुंहासे दूर करने में भी यह तरीका कारगर है। 

यह 6 घरेलू नुस्खें ऐसी सामग्री है जो न केवल त्वचा, पेट और स्वास्थ्य के उपचार में प्रभावी है बल्कि दांत से जुड़ी समस्याओं का भी उपचार करती है। उदाहरण के लिए अजवाइन मसूड़ों को मजबूत बनाता है और लौंग दांतों को कैविटी की समस्या से बचाती है। इसी प्रकार तुलसी रोगाणु से लड़ने में सहायक है और नींबू दांतों को चमकाने में मददगार है। इसके अलावा कपूर सांस को फ्रैश रखता है।