उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में अगस्त महीने में अब तक 290 बच्चों की मौत हो चुकी है.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पिछले रविवार और सोमवार को नवजात सघन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) में 26 तथा इंसेफ्लाइटिस वार्ड में 11 समेत कुल 37 बच्चों की मौत हुई है.

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर पी.के. सिंह ने बताया कि इस वर्ष अब तक इंसेफ्लाइटिस, एनआईसीयू तथा जनरल चिल्ड्रन वार्ड में कुल 1250 बच्चों की मौत हो चुकी है. इस माह 28 अगस्त तक एनआईसीयू में 213 और इंसेफ्लाइटिस वार्ड में 77 समेत कुल 290 बच्चे मरे हैं.

प्रिंसिपल का कहना है कि एनआईसीयू में ज्यादा गंभीर हालत वाले बच्चे, जिनमें समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले, पीलिया, निमोनिया और संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त बच्चे इलाज के लिए आते हैं, जबकि इंसेफ्लाइटिस से पीड़ित बच्चे भी ऐन वक्त पर इसी अस्पताल में गंभीर स्थिति में पहुंचते हैं.

उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को समय से इलाज के लिए लाया जाए तो बड़ी संख्या में नवजात बच्चों की मौत रोकी जा सकती है.

अपर स्वास्थ्य निदेशक कार्यालय से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष जनवरी में एनआईसीयू में 143 और इंसेफ्लाइटिस वार्ड में नौ बच्चों की मौत हुई. इसी प्रकार फरवरी में क्रमशः 117 तथा पांच, मार्च में 141 तथा 18, अप्रैल में 114 तथा नौ, मई में 127 तथा 12, जून में 125 तथा 12, जुलाई में 95 एवं 33 और अगस्त माह में 28 तारीख तक 213 तथा 77 बच्चों की मौत हुई है.