जयपुर . राजस्थान में अब स्वाइन फ्लू (h1n1) वायरस की चपेट में आने वाले लोगों के इलाज की बेहतर व्यवस्था से लेकर स्वाइन फ्लू की पहचान के लिए जांच प्रक्रिया तक में बड़े बदलाव किए गए हैं. लेकिन सरकार पर अब भी सवाल उठ रहे हैं क्यों कि प्रदेश में अब तक 86 लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी हैं और सरकार की आंखें तब खुली हैं जब बीजेपी विधायक कीर्ति कुमारी ने सरकार की बदइंतजामी के चलते दम तोड़ दिया.

सरकारी आंकड़ों में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की सख्या भले ही 86 हो लेकिन मीडियो रिपोट्स 93 मौत बता रही हैं. गुरुवार को ही जयपुर और कोटा में एक-एक स्वाइन फ्लू मरीज की मौत हुई है जबकि सरकारी आंकड़ा अब भी नहीं बदला है. उधर, अब तक मिले स्वाइन फ्लू पॉजिटिव की संख्या भी 1 हजार से ऊपर पहुंच गई है.

राज्य सरकार के अनुसार अब स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए 24 घंटे जांच के नमूने लिए जाएंगे. साथ थी जांच रिपोर्ट भी 7 घंटे में देनी होगी. यही नहीं प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में स्वाइन फ्लू रोगियों के लिए अलग से आईसीयू और ऑब्जरवेशन वार्ड की व्यवस्था भी की गई है. राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय में 15 बैड के आईसीयू और 15 बैड के ही ऑब्जरवेशन वार्ड की व्यवस्था की गई है.

जिला अस्पतालों में भी जांच की व्यवस्था

स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ के अनुसार जिला अस्पतालों में भी जांच की व्यवस्था की गई है. प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में स्वाईन फ्लू के नमूने लेकर जांच करवाने की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों में स्वाईन फ्लू के उपचार के लिए आवश्यक दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और इन दवाईयों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है.

अब 4 एक्मो मशीनें खरीदेगी सरकार

मंत्री सराफ ने एसएमएस अस्पताल के लिए चार एक्मो मशीन भी खरीदने की मंजूरी दी है. उन्होंने बताया इसके लिए वित्त विभाग को जल्द ही प्रस्ताव भिजवाया जाएगा. बता दें कि डॉक्टर्स का कहना है कि अगर सही समय पर एक्मो मशीन विधायक कीर्ति कुमारी को लगाई जाती तो उनकी जान बच सकती थी.

 

अब प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में 24 घण्टे जांच की सुविधा शुरु कर दी गई है. स्वाईन फ्लू की जांच रिपोर्ट सात घंटे में ही मिल जाएगी.

कालीचरण सराफ, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

 

 

जिन घरों में स्वाइन फ्लू के मरीज पाए जा रहे हैं वहां एहतियात के तौर पर उसके आसपास के पचास घरों और उस मरीज के सम्पर्क में आए परिजनों मित्रों को स्वाइन फ्लू की दवा दी जा रही है.

 

डॉ. यूएस अग्रवाल, प्राचार्य, एसएमएस अस्पताल, जयपुर