अलग-अलग तरह की होती है सेक्स ड्राइव

अगर आप उन लोगों में शामिल हैं जिनमें सेक्स को लेकर बहुत ज्यादा रुचि नहीं है लेकिन आपका पार्टनर हर वक्त सेक्स को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित रहता है तो आपको अपने सेक्स ड्राइव के बारे में कुछ बातें जान लेनी चाहिए। कपल्स के बीच बेहतर अनुकूलता यानी कम्पैटिबिलिटी विकसित हो, इसके लिए जरूरी है कि आप यह जान लें कि आपकी सेक्स ड्राइव कैसी है। आगे की तस्वीरों में जानें, सेक्स ड्राइव कितने तरह की होती है...

सेक्स पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता
इस तरह के लोग खुद को खुश रखने के लिए, किसी तरह का तनाव या प्रेशर को कम करने के लिए और यहां तक की ऑफिस में गुजरे खराब दिन या किसी से हुई लड़ाई की भरपाई के लिए भी सेक्स पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए सेक्स मुख्य रूप से स्ट्रेस रीलिवर का काम करता है। ऐसे लोग नियमित रूप से सेक्स करते रहना चाहते हैं क्योंकि उनके लिए सेक्स वही काम करता है जो दूसरों के लिए योग, एक्सर्साइज और मेडिटेशन करता है। ऐसे लोग तनाव से मुक्ति पाने के लिए किसी और तरह की ऐक्टिविटी में शामिल नहीं होना चाहते क्योंकि उन्हें लगता है कि सेक्स से ही उनकी जरूरत पूरी हो सकती है।

सेक्स को लेकर सख्त या जिद्दी होना
इस तरह की सेक्स ड्राइव वाले लोग बहुत ज्यादा मीन-मेख निकालने वाले होते हैं। ऐसी लोगों को कौन सी चीज उत्तेजित करती है उसे लेकर वे बहुत ज्यादा तुनकमिजाज होते हैं। उन्हें हर चीज की डीटेल में जाना होता है और बेहद कम चीजें जिससे उन्हें संतुष्टि मिलती है। ऐसे में वे चाहते हैं कि उनका पार्टनर उन टैक्टिक्स में महारत हासिल कर ले जिससे उन्हें संतुष्टि मिलती हो। ऐसे लोगों की सेक्शुअल फैंटसी अजीबोगरीब होती है जिसे शायद उन्होंने कहीं देखा या पढ़ा होता है जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता।

सेक्स के दौरान सिर्फ अपने बारे में सोचना
ऐसे लोग बेहद स्वार्थी होते हैं और सेक्स के दौरान भी सिर्फ अपनी संतुष्टि के बारे में सोचते हैं। वे मानते हैं कि उन्हें बेडरूम में वह सबकुछ मिलना चाहिए जिसका उन्हें अधिकार है। वे हमेशा सबकुछ अपने हिसाब से और अपने निजी स्वार्थ के लिए करने में यकीन रखते हैं। यहां तक की वे चाहते हैं कि उनका पार्टनर भी उनकी इच्छाओं को अपनी इच्छा से ज्यादा महत्व दे और उनकी इच्छा या मांग के साथ किसी तरह का समझौता न हो। ऐसे लोगों की मांग या इच्छाएं जब पूरी नहीं होती तो वे बेचैन हो जाते हैं।
 
उदासीन और तटस्थ रहना
ऑफिस का काम, परिवार और रिश्तों के प्रेशर की वजह से अक्सर इंसान तनाव में आ जाता है और उसकी सेक्स ड्राइव उदासीन हो जाती है। जिन लोगों की सेक्स ड्राइव ऐसी हो जाती है वे अक्सर तनाव कम होने और परिस्थितियां बेहतर होने के बावजूद सामान्य नहीं हो पाते। ऐसे लोगों को अपनी सेक्शुअल क्षमता में यकीन नहीं रहता और वे अपनी जरूरतों को भी नहीं समझ पाते। कई लोग तो ऐसे भी होते हैं जो अपनी सेक्शुअल जरूरतों को नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे भी कहीं ज्यादा जरूरी दूसरी चीजें लाइफ में हैं। ऐसे लोगों के पार्टनर अगर किसी तरह के फिजिकल कॉन्टैक्ट की शुरुआत भी करें तो वे उससे बचने की कोशिश करते हैं।