नई दिल्ली।  अर्थशास्त्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रवक्ता के रूप में पार्टी में अपनी पकड़ मजबूत बनाने और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में सरकार की नीतियों को बिना किसी शोर-शराबे के सहजता से लागू करने वाली 58 वर्षीय निर्मला सीतारमण को पदोन्नत कर रक्षामंत्री बनाया गया है। पीएम नरेंद्र द्वारा सीतारमण को रक्षामंत्री बनाने के इस फैसले ने सभी को चौंका रख दिया।


सीतारमण ने लगाई  सबसे बड़ी छंलाग
पहले राज्यसभा की सदस्यता और फिर 2014 में वाणिज्य मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद सीतारमण ने रविवार दोपहर को सबसे बड़ी छंलाग लगाई। मोदी सरकार में हुए एक बड़े फेरबदल के बाद रक्षा जैसे अहम मंत्रालय में पहुंचीं निर्मला ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर अपनी प्रोन्नति का श्रेय पीएम मोदी को दिया। सीतारमण ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, 'जब मैंने शपथ (कैबिनेट मंत्री के तौर पर) ली तो यह पता नहीं था कि मुझे रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने वाली है। पीएम मोदी द्वारा मुझपर विश्वास जताने की मैं आभारी हूं।' उन्होंने कहा कि अब उन्हें परफॉर्म करके देना होगा। , इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोई ऐसा शख्स, जो छोटे शहर से आया हो, पार्टी नेतृत्व के समर्थन से आगे बढ़ा हो और यदि उसे ऐसी जिम्मेदारी दी जाती है तो कभी कभी ऐसा महसूस होता है कि कहीं न कहीं दैवीय कृपा तो है। अन्यथा यह संभव नहीं होता।


रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाली दूसरी महिला बनी सीतारमण
निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला पूर्णकालिक रक्षा मंत्री बनीं। राज्यसभा सदस्य सीतारमण रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाली दूसरी महिला बनीं। इससे पहले 1970 के दशक में इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री रहने के साथ इस अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। सीतारमण को रक्षा मंत्री बनाया जाना वाणिज्य मंत्री के तौर पर उनके अच्छे काम के लिये पुरस्कार के तौर पर देखा जा रहा है।

मनोहर र्पिरकर के गोवा का मुख्यमंत्री बनने के लिए मार्च में रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद से वित्त मंत्री अरूण जेटली के पास रक्षा मंत्रालय का भी प्रभार था। सीतारमण अब सुरक्षा मामलों पर महत्वपूर्ण मंत्रिमंडलीय समिति का सदस्य होंगी। इस समिति में रक्षा मंत्री के अलावा प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री होते हैं।