यूपी विधानसभा में मिला संदिग्‍ध पाउडर पीईटीएन विस्फोटक नहीं था। सरकार की ओर से जारी बयान में इसकी पुष्टि की गई है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक डॉ श्याम बिहारी उपाध्याय को भ्रामक और अप्रमाणिक रिपोर्ट देने के आरोप में उनके पद से निलंबित कर जांच के आदेश दिए गए हैं। आपको बता दें कि मानसून सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश विधान सभा में नेता प्रत‌िपक्ष की सीट से तीसरी नंबर की सीट पर एक पुड़िया में 60 ग्राम संदिग्‍ध पाउडर मिला था। 
 
विधि विज्ञान प्रयोगशाला की प्रारंभिक जांच के आधार पर सरकार ने इसे पीईटीएन विस्‍फोटक मानते हुए मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी। शासन द्वारा जारी बयान में कहा गया है‌ कि प्रारंभिक जांच में एफएसएल के निदेशक ने विस्फोटक की जांच के लिए जिस किट का प्रयोग किया वह एक्सपायर हो चुकी थी। इसके बावजूद उन्होंने बिना अन्य जांच कराए भ्रामक जानकारी सरकार और मीडिया को उपलब्‍ध कराई।

डीजी टेक्निकल महेंद्र मोदी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ ‌था, जिसके बाद उन्होंने डॉयरेक्टर के निलंबन की सिफारिश की थी। एनआईए ने इसकी जांच हैदराबाद की फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री से कराई जहां इसे सिलिकॉन ऑक्साइड बताया गया है। इसे क्वाट्ज भी कहते हैं। यह कोई विस्फोटक नहीं है बल्कि इसका प्रयोग कांच की सफाई ‌आदि में किया जाता है।