राजस्थान में ब्लू व्हेल गेम के चक्रव्यूह में एक और जान जाते-जाते बची. जोधपुर शहर में 16 साल की एक लड़की अपना मोबाइल सड़क पर फेंक कर ब्लू व्हेल गेम का टास्क पूरा करने के लिए झील में कूदने जा रही थी. हालांकि पुलिस और गोताखोरों ने झील में कूदने से ठीक पहले लड़की को बचा लिया.

जोधपुर पुलिस के अनुसार यह लड़की मोबाइल पर ब्लू व्हेल गेम खेल रही थी और उसी का एक सुसाइड टास्क पूरा करने के लिए घर से निकली थी. मामला सोमवार रात को जोधपुर की कायलाना झील इलाके का है. यहां 16 साल की यह लड़की स्कूटी समेत झील में कूदने वाली थी तभी गोताखोरों और पुलिस ने उसे बचा लिया.

हाथ पर चाकू से बनाई ब्लू व्हेल

पुलिस के अनुसार जब लड़की को बचाया गया तो उसकी कलाई पर चाकू से ब्लू व्हेल की आकृति उकेरी हुई थी. उसका इरादा सुसाइड टास्क पूरा करने के लिए हर हालत में झील में कूदना था लेकिन समय रहते उसे बचा लिया गया.

रोका तो बोली... टास्क पूरा करना है झील में कूदने दो

लड़की ने जब मोबाइल सड़क पर फेंका तो एक राहगीर ने उसे उठाया  पुलिस के हवाले कर दिया. और उसमें से परिजनों के नंबर देखकर उन्हें सूचना भी दे दी. लड़की के घरवालों ने पुलिस से सम्पर्क किया और बच्ची के घर नहीं लौटने की बात कहते हुए तलाशने की गुहार लगाई.

रात 11 बजे पुलिस को कायलाना झील के पास एक लड़की के घूमते देखे जाने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस के अनुसार वह झील में कूदने का प्रयास कर रही थी. जब गोताखोरों ने उसे पकड़ा तो वह कहने लगी...  टास्क पूरा करना है झील में कूदने दो.

जयपुर का लड़का मुंबई पहुंच गया था, सुसाइड टास्क से पहले ही बचा लिया गया

पिछले महीने ही जयपुर का एक किशोर भी ब्लू व्हेल गेम के चंगुल में फंसा था. 16 साल का लड़का टास्क पूरा करने के लिए मुंबई तक चला गया था. 10वीं क्लास का इस स्टूडेंट को समय रहते पुलिस के हाथों बचा लिया गया था.