नई दिल्ली: भाजपा को 461 करोड़ रुपए का चंदा 2015-16 में ‘‘अज्ञात स्रोतों’’ से मिला जो कि उसकी कुल आय का तकरीबन 81 प्रतिशत है। वहीं, कांग्रेस को कुल आय का 71 प्रतिशत या 186 करोड़ रुपए गुमनाम स्रोतों से मिला। एसोसिएशन फोर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
 
वित्त वर्ष 2016 में 832.42 करोड़ रुपए अज्ञात स्रोतों से
दलों के आयकर रिटर्न का हवाला देते हुए एडीआर ने कहा है कि उस वर्ष दोनों दलों को होने वाली कुल आय में ‘‘अज्ञात स्रोतों’’ से कुल मिलाकर 646.82 करोड़ रुपए या 77 प्रतिशत से अधिक धन आया। रिपोर्ट के मुताबिक सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के लिए आय के प्रमुख स्रोतों में स्वैच्छिक योगदान और कूपन बिक्री आय का प्रमुख स्रोत है जबकि दोनों दलों की कुल आमदनी वित्त वर्ष 2016 में 832.42 करोड़ रुपए रही।

चुनाव सुधार के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन एडीआर ने कहा है कि 2015-16 में भाजपा और कांग्रेस की कुल घोषित आय क्रमश: 570.86 करोड़ रुपए और 261.56 करोड़ रुपए थी। चुनाव आयोग को सौंपे गए दोनों दलों के आय और व्यय आंकड़ा विवरण के विश्लेषण के आधार पर ये तथ्य समाने आए हैं। वर्ष 2015-16 में गुमनाम स्रोत से भाजपा को 460.78 करोड़ रुपए जबकि कांग्रेस को 186.04 करोड़ रुपए की आय हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘‘अज्ञात स्रोत’’ से आय का संदर्भ उन चंदों के लिए दिया जाता है जहां 20000 रुपए से कम चंदे पर स्रोत की घोषणा नहीं की जाती है।

इस तरह की आय में कूपनों की बिक्री, राहत कोष, विविध आय, सम्मेलन या मोर्चा से स्वैच्छिक योगदान और चंदे आदि से हुई आय शामिल होती है। एडीआर ने कहा है कि 20000 रुपए से अधिक योगदान ही राजनीतिक दलों की ज्ञात आय का स्रोत होता है जिसमें कि चंदा देने वालों का नाम और अन्य विवरण होता है। कोषों के अज्ञात स्रोतों में सबसे अधिक आय भाजपा को स्वैच्छिक योगदान’ के जरिए हुई जिसमें वित्त वर्ष 2016 में 459.56 करोड़ रुपए का संग्रह हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस को इसी अवधि में ‘‘कूपनों की बिक्री’’ से 167.96 करोड़ रुपए की आय हुई।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘2015-16 में कुल सात राष्ट्रीय दलों की आय 1033.18 करोड़ रुपए थी, जिसमें दलों ने 754.45 करोड़ रुपए खर्च किए और 278.73 करोड़ रुपए (कुल आमदनी का 26.98 प्रतिशत खर्च नहीं हुआ) बिना इस्तेमाल वाली रकम घोषित की गई। ’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर के सात दलों में 2015-16 में भाजपा को सबसे ज्यादा आय 570.86 करोड़ रुपए की हुई।

इसके बाद 261.56 करोड़ रुपए के साथ कांग्रेस, माकपा (107.48 करोड़), बसपा (47.39 करोड़ रुपए), तृणमूल कांग्रेस (34.58 करोड़ रुपए), एनसीपी (9.14 करोड़) और भाकपा (2.18 करोड़ रुपए) का नाम है। वर्ष 2015-16 के विश्लेषण के मुताबिक भाजपा की कुल आय का 23 प्रतिशत इस्तेमाल नहीं हुआ जबकि कांग्रेस की कुल आमदनी के 26 प्रतिशत हिस्से का उपयोग नहीं हुआ।