पटना: पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर ट्वीट करके आरजेडी सुप्रीमो फंस गए। उनके ट्वीट करने के बाद उनकी नंदा शुरू हो गई। उनसे जेडीयू नेता पूछ लिया कि जब बिहार में एक पत्रकार कर दी गई और उसमें बाहुबली सांसद शाहबुद्दी नाम सामने आया तब वे खामोश क्यों हो गए थे।

बात दें, बेंगलुरू में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या मंगलवार शाम हुई। देशभर के अलग अलग शहरों में उनकी हत्या के विरोद में प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली में भी प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के साथ कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। देश के अधिकांश राजनीतिक दल के नेताओं ने इसकी निन्दा की। 

एेसे में राजद अध्यक्ष लालू यादव ने भी निन्दा करने में देर नहीं की। यहाँ लालू यादव का ट्वीट ले लीजिए लेकिन लालू यादव को अंदाज़ा नहीं था कि ये ट्वीट उनकी आलोचना का आधार बन जाएगा। जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता नीरज कुमार ने पूछा कि पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में जब राजद के पूर्व सांसद  मो. शहाबुद्दीन के ख़िलाफ़ सीबीआई ने चार्जशीट दायर की तब लालू यादव ने उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की जगह मौन साध लिया।

सीबीआई ने पिछले महीने शहाबुद्दीन और उनके अन्य सहयोगियों के ख़िलाफ़ हिंदुस्तान के पत्रकार के पिछले साल हुई हत्या के मामले में चार्जशीट दायर किया तब लालू यादव ने कहा था कि कोई इस मामले में उन्हें सज़ा थोड़ी हुई है।

हालांकि लालू यादव जब अपनी रैली के सम्बन्ध में सिवान गए थे तब उन्होंने खुले मंच से शहाबुद्दीन जी कह कर सम्बोधित किया था और स्वीकार किया था कि जेल में बन्द सिवान के चार बार सांसद रहे शहाबुद्दीन से उनकी बातचीत होती रहती थी लेकिन गौरी लंकेश के मामले में शायद ही राजद अध्यक्ष को उम्मीद होगी कि उनकी इस मुद्दे पर आलोचना होगी।