श्रीलंका के खिलाफ इकलौते टी-20 मुकाबले में मिली जीत के साथ ही कई रिकॉर्ड बना डाले हैं. खासतौर पर विराट ने तो कप्तान के तौर पर वह कर दिखाया, जो महेंद्र सिंह धोनी कभी नहीं कर सके. पहल टेस्ट, फिर वनडे और अब टी-20 सीरीज (इकलौता टी-20) में भी क्लीन स्वीप किया. और ऐसा 85 साल (1932 से अब तक) के भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहली बार हुआ, जब भारीतय टीम ने किसी दौर पर सभी मैच जीत लिए.

दरअसल, पहले टीम इंडिया ने श्रीलंका का टेस्ट सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था. उसके बाद वनडे सीरीज़ में भी उनका 5-0 से सूपड़ा साफ कर दिया. और अंतिम में टी-20 मैच में भी जीत लिया. इस तरह से भारत के लिए दौरा 9-0 रहा.

दौरे पर पूरी तरह से छाए रहे भारतीय
टेस्ट, वनडे या फिर इकलौता टी-20... इन सभी में भारतीय टीम एकतरफा छाए रहे. वहीं, दूसरी ओर श्रीलंकाई टीम लगातार मैच हारती रही और कप्तान बदलते रहे. यही नहीं, अंत में तो कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी. वो ये कि वनडे और टी-20 प्रारूपों में अपना ध्यान केंद्रित करने के बहाने श्रीलंकाई दिग्गज बल्लेबाज उपुल थरंगा ने स्वेच्छा से छह माह के लिए टेस्ट क्रिकेट से अलग होने का फैसला कर लिया है. वो भी पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज से ठीक पहले.

वनडे सीरीज में जड़ा जोरदार 'पंच'
5-0 से एकतरफा वनडे सीरीज जीत में भी इंडियंस टॉप पर रहे. बल्लेबाजी में विराट कोहली (330 रन) टॉप पर रहे, जबकि उप कप्तान रोहत शर्मा (302 रन) दूसरे नंबर पर रहे. मैथ्यूज तीसरे नंबर पर रहे. उन्होंने 192 रन बनाए, जबकि शिखर धवन के नाम 190 रन रहे. बॉलिंग में 5 में से 4 टॉप गेंदबाज भारतीय रहे. मैन ऑफ द सीरीज रहे जसप्रीत बुमराह ने 15, अकिला धनंजय ने 9 और अक्षर पटेल ने 6 विकेट लिए, जबकि चहल और भुवनेश्वर ने 5-5 विकेट लिए.

भारत ने आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इकलौते टी-20 मैच में श्रीलंका को सात विकेट से हराया. श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 171 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे मेहमान टीम ने चार गेंद शेष रहते हुए तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया. भारत की तरफ से कप्तान विराट कोहली ने 82 रन बनाए. मनीष पांडे ने नाबाद 51 रनों का योगदान दिया.