मिल रही थी नक्सलियों से लगतार धमकियां
रायपुर ।
क्या वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश को नक्सलियों से ख़तरा था? क्या गौरी लंकेश की हत्या में नक्सलियों का हाथ हो सकता है। राष्ट्रीय एक चैनल एनडीटीवी के कार्यक्रम लेफ़्ट राइट सेंटर में गौरी लंकेश के भाई इंद्रजीत लंकेश ने दावा किया है कि उन्हें नक्सलियों से ज्.धमकी मिली थी. गौरी के भाई के मुताबिक़- गौरी नक्सलियों को मुख्य धारा में लाने की मुहिम की अगुवाई कर रही थीं. कुछ नक्सलियों को मुख्य धारा से जोडऩे में वह सफल भी हुई थीं, जिसकी वजह से वह नक्सलियों के निशाने पर थीं और उन्हें लगातार धमकी भरी चि_ी और ईमेल आते थे.
गौरी लंकेश के भाई इंद्रजीत लंकेश ने कहा कि जैसा मुझे खबर लगी है गौरी को नक्सलियों की ओर से हेट मेल्स मिल रहे थे, चि_ियां मिल रही थीं. गौरी कुछ लोगों को नक्सलवाद से मुख्यधारा में लाने में कामयाब भी हुईं थीं जिसके चलते उन्हें हेट मेल्स और चि_ियां मिल रहीं थीं.उधर, पुलिस गौरी लंकेश के घर और आसपास की इमारतों में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि आरोपियों का कोई सुराग़ मिल सके. इससे पहले बुधवार को सिद्धारमैया सरकार ने मामले की एसआईटी जांच के आदेश दिए और कहा कि जरूरत पडऩे पर मामला सीबीआई को सौंपा जा सकता है. पुलिस का मानना है कि पेशेवर हत्यारों की मदद से इस वारदात को अंजाम दिया गया है. मंगलवार शाम को गौरी लंकेश को उनके बेंगलुरु के घर में गोली मारी गई थी. अपराधियों ने सात गोलियां चलाईं, जिनमें तीन गौरी लंकेश को लगी और मौक़े पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया.वहीं पुलिस का कहना है कि यह काम पेशेवर हत्यारों का हो सकता है. मशहूर पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के 24 घंटे होने जा रहे हैं, लेकिन पुलिस बिल्कुल खाली हाथ है. अब तक न कोई शख्स गिरफ्तार हुआ है, न किसी की निशानदेही हुई है. जांच के नाम पर शक के अलावा कुछ नहीं है.