जयपुर में 26 अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से झूलते मिली शुभांगना की मौत का राज 14 दिन बाद भी बेपर्दा नहीं हो सका.

100 करोड़ की प्रोपर्टी की मालकिन शुभांगना के पिता पुलिस के सुसाइड आशंका को खारिज कर हत्या बता रहे हैं और शक सीधा दामाद यानि शुभांगना के पति राजकुमार सावलानी पर जाहिर किया गया है. लेकिन मौत के 14 दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है.

शुभांगना के पिता जहां बेटी के साथ इंसाफ के लिए पुलिस के आला अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं वहीं समाज के कुछ लोग बुधवार को गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से मिले थे. गृहमंत्री से मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी.

थानेदार बालाराम चौधरी को लाइन हाजिर

शुभांगना के परिजनों की पुलिस जांच से असंतुष्ठि और गृहमंत्री तक गुहार लगाए जाने पर पुलिस हरकत में आई है. जयपुर पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने शुभांगना मामले में लापरवाही बरतने पर अशोक नगर थाना प्रभारी बालाराम चौधरी को थाने से हटा दिया है. चौधरी को पुलिस लाइन में भेजा गया है.

संदिग्ध परिस्थितियों में मौत पर जायजा लेने नहीं पहुंचे

शुभांगना के पिता का आरोप है कि पुलिस को सूचना के बाद भी घटना पर जिम्मेदार थाना प्रभारी मौके पर नहीं पहुंचे. संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद भी वारदात की तस्दीक के लिए एफएसएल टीम को नहीं बुलाया गया. शुभागंगना के पिता ने थाना प्रभारी बालाराम पर मामले में गुमराह करने के भी आरोप लगाए हैं.

पुलिस पर इन मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप

पूछताछ में पड़ोसियों ने रात करीब 3 बजे परिवार वालों के चिल्लाने की आवाज सुनी, लेकिन नौकरानी को आवाज क्यों नहीं सुनाई दी?  नौकरानी का कहना है कि घटना का पता उसे तब चला जब वह सुबह चाय लेकर पहुंची.

बंगले पर शुभांगना सुबह करीब 6 बजे फंदे से लटकती मिली जो जींस, टॉप पहने हुए थी... जबकि नाैकरानी के अनुसार ही आॅफिस से घर आने के बाद ही वह घर के कपड़े पहन लेती थी. जबकि ज्वैलरी भी पहनी हुई थीं

गले पर फंदे का निशान भी संदेहास्पद. फंदे का निशान ‘ओ’ शेप में बना मिला जबकि फंदे से लटकने पर  ‘वी’ शेप में बनना चाहिए...

 

नौकरानी का कहना है कि वह शुक्रवार रात खाना खाकर सो गई थी। घटना का पता उसे तब चला जब वह सुबह चाय लेकर आई।