राजस्थान की राजधानी जयपुर में 20 सालों से एक आश्रम में अपने चेलों पर कृपा बरसाने वाले बाबा का आखिरकार भेद खुल गया.

एक सामूहिक आत्महत्या केस में पुलिस ने जब पूछताछ की तो बाबा का सारा सच सामने आ गया. ये बाबा विशंभर दास वहीं शख्स है जिसे कभी जयपुर पुलिस ने अपने चेलों को अफीम पिलाते पकड़ा था.

जयपुर के करधनी थाना इलाके में दो दिन पहले जिस परिवार ने सामूहिक आत्महत्या की थी, वो भी इसी बाबा का भक्त था. लेकिन परिवार के मुखिया डूंगरराम ने मरने से पहले सुसाइड नोट में बाबा की करतूत का जिक्र किया और कहा कि बाबा लाखों रुपए लेकर वापस नहीं दे रहे हैं. इसी मामले में पुलिस ने पहले बाबा काे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और जब बाबा की पोल खुलने लगी तो गिरफ्तार कर लिया.

1 बीघा जमीन पर बना रखा है आश्रम

जयपुर पुलिस के अनुसार बाबा विशंभरदास को पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है. प्रतापनगर पुलिस ने तब बाबा के मंदिर और आश्रम में दबिश दी थी और वहां से अफीम जब्त की थी. बाबा पर चेलों को शक्तिवर्धक के नाम पर अफीम पिलाने का आरोप था. बाबा का यह आश्रम एक बीघा जमीन पर बना हुआ है जिसकी कीमत 4 करोड़ रुपए बताई जा रही है

खुद को खिलाफ साजिश बता रहा बाबा

बाबा से पुलिस अभी तक न तो डूंगरराम सुसाइड केस में कुछ उगलवा सकी है और न ही उसके कर्ज को लेकर. अभी तक की पूछताछ में बाबा विशंभरदास खुद को बेगुनाह और किसी से कोई पैसा नहीं लेना बता रहा है. बाबा की माने तो कीमती जमीन पर कई प्रोपर्टी वालों की नजर है और यह उसके खिलाफ कोई साजिश है.