मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक विवादित आदेश जारी हुआ है, जिसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. कलेक्ट्रेट से जारी हुए सरकारी आदेश में मध्यप्रदेश शासन का लोगो हटाकर भाजपा के पितृ पुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की फोटो लगाई गई है. इस आदेश को लेकर चर्चा जोरों पर है. इसका विरोध भी शुरू हो गया है.

सरकारी आदेश में एक नेता की तस्वीर आशार्यजनक है हालांकि विवाद को बढ़ता देख कलेक्टर सतना इसे गलत बता जांच के आदेश देने की बात कह रहे हैं. लेकिन आदेश प्राप्त करने वाला कर्मचारी इसे स्थापना शाखा से मिलना बता रहा है.

दरअसल, सतना कलेक्ट्रेट से 8 सितम्बर को यह आदेश जारी हुआ है. जिस पर बरगद के पेड़ के नीचे अशोक चिन्ह वाले लोगो की जगह पंडित दीनदयाल उपाध्याय की फोटो छापा हुआ था. पंडित दीनदयाल उपाध्याय भाजपा के पितृपुरुष हैं. भाजपा उनका जन्मशताब्दी वर्ष मना रही है. सरकारी आदेश में उनकी फोटो होना लोगों के लिए आशचर्यजनक है. सरकारी आदेशों में मध्य प्रदेश शासन का लोगो रखना अनिवार्य होता था. लेकिन एक नेता की तस्वीर होना जहां आश्चर्यजनक है वहीं इसका विरोध भी शुरू हो चुका है.

इस बात की भी चर्चा है कि सरकार अब शासन का लोगो बदलने वाली है. जिसके चलते सरकार अब बरगद के पेड़ के नीचे अशोक चिन्ह वाले लोगो की जगह पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर वाला लोगो उपयोग में लाने जा रही है. भगवा रंग के इस लोगो में ऊपर पंडित दीनदयाल उपाध्याय लिखा है, नीचे जन्मशताब्दी वर्ष लिखा है. दाईं ओर दीनदयाल के जन्मवर्ष 2016 और बाईं ओर उनकी जन्मशताब्दी 2016 को लिखा गया है.

सरकार ने इसका उपयोग शुरू भी कर दिया है. मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश व सार्वजनिक अपीलों में अशोक चिन्ह के साथ-साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय का लोगो भी आने लगा है, लेकिन सरकारी दफ्तरों और अफसरों के आदेश व लेटर पैड पर अभी पंडित दीनदयाल के लोगो का उपयोग शुरू नहीं हुआ है. क्योंकि सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए अभी तक कोई सर्कुलर जारी नहीं किए हैं. ऐसे में बिना किसी सर्कुलर जारी किये सरकारी आदेश में दीनदयाल की फोटो वाला लोगो छापने से नया विवाद शुरू हो गया है.