14000 प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य
अधिकतर प्रकरणों में राजीनामा से खत्म हो सकता है मामला
रायपुर।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार रायपुर जिला न्यायालय एवं जिले के अन्य सिविल न्यायालयों में आज नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है।
इसमें लगभग 14000 से अधिक मामले सुनवाई के लिए रखे गए हैं, सिजमें विभिन्न सिविल मामले और राजीनामा योग्य आपराधिक मामले एवं प्री-लिटिगेशन मामले को अंतिम रूप से निराकृत करने के उद्देश्य से सुनवाई हेतु रखा गया है। इस नेशनल लोक अदालत में संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष नीलम चंद सांखला के मार्गदर्शन में पिछले दो माह से लगातार तैयारियां की जा रही थी। सभी न्यायालयों द्वारा अपने न्यायालय में लंबित प्रकरणों में से लोक अदालत की सुनवाई हेतु प्रकरणों को निन्हांकित कर इस बार की नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरण रखे जाने का प्रयास किया गया है। इस संबंध में न्यायालयों द्वारा अपने-अपने स्तर पर मामले के पक्षकारों की पूर्व बैठक बुलाई गई थी, ताकि उनके मध्य राजीनामा की संभावना बन सके। मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के संबंध में बीमा कंपनी और पक्षकारों के बीच बैठक कर मामले में समझौता कराने का प्रयास किया जा रहा है।

न्यायालय में बड़ी संख्या में ऐसे मामले भी लंबित है, जो कि राजीनामा से खत्म किया जा सकता है और पक्षकारों के राजीनामा योग्य, मामले में राजीरामा के माध्यम से प्रकरण का नेशनल लोक अदालत में निराकरण किया जाए तो न्यायालय में लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी आएगी। प्रकरणों का इस प्रकार निराकरण होगा, जिससे दोनों पक्ष अपने-मामलों का स्वयं ही संतोषप्रद निराकरण कर पाएंगे। आज आयोजित नेशनल लोक अदालत में विद्युत विभाग की ओर से बकाया राशि के भुगतान में सरचार्ज की राशि माफ की है। इसके अलावा विभिन्न बैंक भी अपने बकायादारों को इस लोक अदालत में ब्याज एवं अन्य भुगतानों में छूट दे रहे हैं।