रायपुर। विधानसभा चुनाव 2018 के लिए 90 सीटों पर कांग्रेस के किसी भी विधायक की टिकट पक्की नहीं है। मौजूदा 39 विधायकों की भी नहीं। सभी सीटें अभी ओपन है। मतलब हर किसी के लिए मौका है और सबसे बड़ी बात ये कि मेरी खुद की भी टिकट पक्की नहीं है। जी हां ये कहना है नेता प्रतपिक्ष टीएस सिंहदेव का।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अंबिकापुर से दूसरी बार विधायक बने टीएस सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अभी किसे टिकट देना है किसे नहीं इसके लेकर कोई समीक्षा नहीं की है। विधायकों की टिकट उसके पर परफार्मेंस के आधार पर तय होगी। फिल्ड से जैसे रिपोर्ट मिलेगी उसी अधार पर तय होगा किसे टिकट दिया जाना है, किसे नहीं।
कांग्रेस विधायकों की परफार्मेंस को लेकर वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा होते रहती लेकिन किसी तरह से कोई समीक्षा हमने अभी की नहीं है। यही नहीं युवा और महिला के लिए भी कोई कोटा तय नहीं हुआ है। 90 विधानसभा से 90 योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इसमें महिला और युवा भी हो सकते, वर्तमान विधायक भी हो सकते हैं, पूर्व विधायक भी हो सकते हैं, कोई नया चेहरा भी हो सकता है, संगठन से भी हो सकता है। फिलहाल किसी तरह की कोई भी क्राइटेरिया तय नहीं है, सिवाय विधानसभा क्षेत्र में उनकी सक्रियता, कामकाज और छवि के।
कांग्रेस में कोई त्रिफ ला नहीं
पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे, पूर्व केन्द्रीय मंत्री चरण दास महंत, पूर्व मंत्री मो. अकबर के बीच एक साथ मुलाकात के बाद फिर त्रिफला की हो रही चर्चा ने कांग्रेस की राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है। ये और बात है कि नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने ऐसी किसी त्रिफला से इंकार किया है। सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस  नेता आपस में मिलते बात करते रहते हैं, कही तीन, कहीं चार और कहीं 10 नेता एक साथ चर्चा करते रहे हैं। कहीं कोई त्रिफला नहीं है और यह भी तो ये कांग्रेस की सेहत के लिए ठीक है। वहीं सिंहदेव ने भी आदिवासी मुख्यमंत्री की उठ रही मांग से सीधे इंकार कर दिया है। सिंहदेव ने कहा कि कहीं ऐसी कोई बात नहीं हुई। रामदयाल उइके ने भाजपा में आदिवासी मुख्यमंत्री की बात कहीं थी।