मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारी समिति की भोपाल में हुई बैठक बेनतीजा रही. समिति के सिर्फ 75 प्रतिशत सदस्यों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से सहमत जताई.

बैठक के बाद हुई प्रेस कांफ्रेंस में कहा गया कि पर्सनल लॉ से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी.  प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कमाल फारुखी ने कहा कि पर्सनल लॉ पर हमले ठीक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इस्लामिया शरिया में बड़े पैमाने पर सुधारवादी कार्यक्रम लागू करने के लिए एक कमेटी बनेगी.

इससे पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी सय्यद मोहम्मद वली रहमानी ने कहा कि बोर्ड सुप्रीम कोर्ट से नाखुश है.

बता दें कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के संवैधानिक पीठ के फैसले के बाद पर्सनल लॉ बोर्ड की यह पहली बैठक है.

पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारी समिति में 51 लोग हैं, जिनमें से अधिकांश बैठक में शामिल हुए.
बैठक में बोर्ड के चेयरमैन मौलाना राबे हसनी मदनी, जफरयाब जिलानी, मौलाना महमूद मदनी, मौलाना अरशद मदनी, मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, मौलाना अथहर, कमाल फारूकी, डॉ. कासिम रसूल, मौलाना कल्बे सादिक, मौलाना वली रहमानी शामिल थे.
एमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी बैठक में शामिल थे.

प्रेस कांफ्रेंस की मुख्य बातें,

कमाल फारुखी ने कहा- पर्सनल लॉ पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे
इस्लामिक शरिया में सुधारवादी कार्यक्रम लागू करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है.
पर्सनल बोर्ड ने पर्सनल लॉ पर हमला बताते हुए नाराजगी जाहिर की
बाबरी मस्जिद मामले का फैसला अदालत में होगा
जफरयाब जिलानी ने कहा, जो तीन तलाक देगा उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा.