ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की कार्यकारी समिति की रविवार को भोपाल में संपन्न हुई बैठक बेनतीजा रही. तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की पहली बैठक में इस मुद्दे पर कोई आम राय नहीं बन सकी, जिसके बाद एक्सपर्ट की एक कमेटी का गठन किया गया है, जो बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौपेंगी.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य कमाल फारूकी ने बोर्ड की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि एक बार में तीन बार तलाक देने की प्रथा पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ द्वारा पिछले महीने दिये गये फैसले का हम सम्मान करते हैं. मगर सरकार की उस दलील का हम विरोध करते हैं, जिसमें कहा गया है कि अदालत के हस्तक्षेप के बगैर तलाक के सभी रूपों को अवैध करार दिया जाना चाहिए.

करीब नौ घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद कमाल फारूकी ने कहा कि बोर्ड ने तीन तलाक के फैसले को पर्सनल लॉ पर हमला बताते हुए नाराजगी जाहिर की है. साथ ही कहा कि पर्सनल लॉ पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.

-बैठक में यह तय हुआ है कि संविधान पीठ के फैसले पर विमर्श और बड़े स्तर पर सामाजिक सुधार लाने के सुझाव देने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी.

-इस रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड अपना रुख तय करेगा.
-इस्लामिया शरिया में बड़े पैमाने पर सुधारवादी कार्यक्रम लागू करने के लिए एक कमेटी बनेगी.
-तीन तलाक देगा उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा.

फारूकी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अटार्नी जनरल के जरिये सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि अदालत के हस्तक्षेप के बगैर तलाक के सभी रूपों को अवैध करार दिया जाना चाहिए. हम इस बात का विरोध करते हैं.

फारूकी ने बताया कि इस पर हम अपनी नाराजगी व्यक्त करते हैं और इसे मुस्लिमों के पर्सनल लॉ पर हमला समझाते हैं.

उन्होंने कहा कि हम अदालत का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम शरीयत को नहीं मानते हैं.

फारूकी ने बताया कि तीन तलाक मुस्लिमों का मूलभूत अधिकार है. बोर्ड का मानना है कि शरीया के अनुसार तलाक-ए-बिद्दत पाप है लेकिन मान्य है. लंबे समय से हमने इस प्रथा को रोकने के लिए कदम उठाये हैं और करीब दो दशक पहले मॉडल फॉर्म आफ निकाहनामा जारी किया है.

पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारी समिति में 51 लोग हैं, जिनमें से अधिकांश बैठक में शामिल हुए.
बैठक में बोर्ड के चेयरमैन मौलाना राबे हसनी मदनी, जफरयाब जिलानी, मौलाना महमूद मदनी, मौलाना अरशद मदनी, मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, मौलाना अथहर, कमाल फारूकी, डॉ. कासिम रसूल, मौलाना कल्बे सादिक, मौलाना वली रहमानी शामिल थे. एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी बैठक में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंचे थे.