बॉलिवुड पर अक्सर ये इल्जाम लगते हैं कि यहां ऐक्ट्रेस को ऐक्टर के मुकाबले कम तरजीह दी जाती है और ऐक्टर्स के मुकाबले ऐक्ट्रेसेज की फीस भी कम होती है। कई मामलों में तो यह फर्क 5 गुना तक होता है।

लेकिन ऐसा नहीं है कि ये भेदभाव सिर्फ बॉलिवुड में होता है बल्कि हॉलिवुड भी इसी भेदभाव का शिकार है। हॉलिवुड की मशहूर अभिनेत्री रीस विदरस्पून ने एक इंटरव्यू के दौरान यह इल्जाम हॉलिवुड पर लगाया है।

हॉलिवुड के बड़े-बड़े प्रॉडक्शन हाउस ऐक्ट्रेसेज के साथ भेदभाव करते हैं। रीस के मुताबिक उन्हें अपनी फिल्म 'गॉन गर्ल' के लिए डिस्ट्रिब्यूटर तलाशने में काफी मेहनत करनी पड़ी थी। रीस की मानें तो वो जिसके पास भी जाती सब यही कहते कि यह एक महिला प्रधान फिल्म है और हम महिलाओं के ऊपर बायॉपिक नहीं बनाते हैं और महिला प्रधान विषय में हमारी दिलचस्पी नहीं है।

रीस इस फिल्म के साथ बतौर प्रड्यूसर जुड़ी थीं और उनके मुताबिक ज्यादातर स्टूडियो ने उनके साथ ऐसा ही बर्ताव किया। 'गॉन गर्ल' इसी नाम से 2012 में आए उपन्यास पर आधारित है। रीस के मुताबिक जब उपन्यास लोकप्रिय होने लगा और ये नंबर वन बेस्ट सेलर हो गया तब डिस्ट्रिब्यूटर्स का रुख उनकी फिल्म को लेकर बदल गया।