किसानों से खरीदा गया 6.91 करोड़ मीटरिक टन से ज्यादा धान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिन 17 सितम्बर को सेवा दिवस के रूप में मनाने की अपील
रायपुर।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों से विगत तेरह वर्षो में छह करोड़ 91 लाख 59 हजार मीटरिक टन धान खरीद कर उन्हें सहकारी समितियों के जरिए लगभग 75 हजार करोड़ रूपए का भुगतान किया है। उन्होंने कहा - जब हमने सरकार की बागडोर संभाली उसके पहले छत्तीसगढ़ के किसानों से सिर्फ पांच लाख मीटरिक धान की खरीदी होती थी। उन्हें भुगतान मिलने में भी काफी तकलीफ होती थी, लेकिन हमने कम्प्यूटर आधारित पारदर्शी व्यवस्था की। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए एक हजार 333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के अंतर्गत 1989 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को अपने गांव से दूर ना जाना पड़े। डॉ. सिंह आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से अपनी मासिक रेडियो वार्ता 'रमन के गोठÓ की 25 वीं कड़ी में प्रदेश वासियों को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश के सभी गांवों और शहरों में मुख्यमंत्री का यह रेडियो कार्यक्रम काफी उत्साह  और गंभीरता से सुना गया। डॉ. सिंह ने अपने रेडियो प्रसारण में प्रदेश सरकार की किसान हितैषी नीतियों सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर राज्य में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर छत्तीसगढ़ में भी 15 सितम्बर से दो अक्टूबर तक 'स्वच्छता ही सेवाÓ अभियान चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने स्वच्छता को जनआंदोलन बना दिया है और गांधी जयंती को इसका प्रतीक। श्री मोदी ने आकाशवाणी से अपने 'मन की बातÓ में लोगों से 15 सितम्बर से दो अक्टूबर तक 'स्वच्छता ही सेवाÓ अभियान चलाने का आव्हान किया था। डॉ. सिंह ने कहा - 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री श्री मोदी का जन्म दिन है। मैं अपील करता हूं कि हम सब मिलकर उनका जन्म दिन 'सेवा दिवसÓ के रूप में मनाएं। मुख्यमंत्री ने श्री मोदी के नये कार्यक्रम 'संकल्प से सिद्धीÓ में भी जनभागादारी का आव्हान किया।    उन्होंनेे 'रमन के गोठ की आज की कड़ी में सरकार के किसान हितैषी कदमों का उल्लेख करते हुए कहा - वर्ष 2013-14 में इन समितियों में 78 लाख 35 हजार मीटरिक टन धान खरीद कर किसानों को दस हजार 362 करोड़ रूपए का समर्थन मूल्य और दो हजार 374 करोड़ रूपए का बोनस दिया गया था। वर्ष 2015 में राज्य में बड़ा सूखा पड़ा था, जिसके कारण किसानों को राहत देने के उपाय किए गए थे और लगभग 1800 करोड़ रूपए से अधिक राशि उन्हें अलग-अलग मदों से दी गई थी। इस बीच किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी निर्णय लिए गए। फसल विविधिकरण, कृषि लागत मे कमी, वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों से लाभदायक फसलों की खेती को बढ़ावा देने जैसे कई उपाय किए गए। उत्पादकता में वृद्धि के कारण प्रदेश को तीन बार चावल उत्पादन और एक बार दलहन उत्पादन पर कृषि कर्मण पुरस्कार मिला। बागवानी के क्षेत्र में शानदान उपलब्धि के कारण छत्तीसगढ़ को एग्रीकल्चर लीडरशिप एवार्ड 2017 भी प्राप्त हुआ है। राज्य में विगत तेरह वर्षो में उद्यानिकी का रकबा चार गुना और उत्पादन पांच गुना बढ़ा है।