रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नेता तथा पूर्व मंत्री विधान मिश्रा और विधायक आर.के. राय ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा के बहिष्कार की परंपरा बना ली है, एक मुददे की आड़ में जनहित के अनेक मुददे दबा दिए जा रहे है, कभी नसबंदी कांड तो कभी आंखफोड़वा कांड के बहाने विधानसभा ठप कर दी गई और सारे विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाने से वंचित कर दिए गए।
विधानसभा के अनेक सत्र को नान घोटाले और अन्य घोटालों की आड़ में नहीं चलने दिया गया। विधान मिश्रा ने सवाल किया है क्या विधानसभा का पूरा सत्र महज एक मुददा उठाने के लिए होता है? जो मुददे उठाये जाते है उसको भी सांठ-गांठ कर बिना परिणाम के समाप्त कर दिया जाता है। श्री मिश्रा एवं राय ने कहा कि विधानसभा का सत्र ठप करने के लिए पीछे बड़ी साजिश है। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र इस बार 11 दिन का था। साजिश के तहत इस सत्र को ढाई दिनों में ही  खत्म करवा दिया गया । सभी जानते है कि मानसून सत्र में पनामा पेपर लीक, जमीनों पर अवैध कब्जे का मामला उठने वाला था।
बेहतर होता कि कांग्रेस हंगामा करने के बजाय सरकार को सदन में घेरती। हर मुददे पर सरकार से जवाब मांगती । विधान मिश्रा व आर.के. राय ने कहा कि आगामी 22 सितंबर को विधासभा का एक का विशेष सत्र आहूत है। कांग्रेस इस 7 दिन का सत्र बुलाने की मांग कर रही है जब 11 दिनों का मानसून सत्र ढाई दिन में समाप्त हो गया तो फिर 7 दिन के विशेष सत्र की मांग का क्या औचित्य है?