मध्य प्रदेश के विदिशा कलेक्ट्रेट परिसर मे नामान्तरण ना होने से दुखी किसान रमेश दांगी ने ज़हर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की जिसकी सोमवार सुबह भोपाल के निजी अस्पताल मे इलाज़ के दौरान मौत हो गई.

विदिशा, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का संसदीय क्षेत्र है. किसान की मौत के बाद राजनीति भी गरमा गई है. महिला कांग्रेस ने मृतक किसान की पत्नी के साथ बैठकर रामलीला चौराहे पर बैठ कर धरना दिया और चक्काजाम किया.

नामान्तरण ना होने से दुखी किसान रमेश दांगी की आज सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई. प्रशासन ने हालात को देखते हुए भोपाल से शव मृतक के गाँव पुरनिया भेजने का फैसला कर लिया.

इधर विदिशा मे मृतक की पत्नी ममता शव को विदिशा लाने की मांग पर अड़ी रही. और परिजनों के साथ मिलकर धरने पर बैठ गई. मृतक की पत्नी ने प्रशासन से मांग की कि 25 लाख की आर्थिक सहायता के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले साथ ही दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो.

इस मामले पर कांग्रेस राजनीति करने से नहीं चूकी. महिला कांग्रेस मृतक की पत्नी के साथ धरने पर बैठी और सरकार से सहायता की मांग की.

परिजनों के धरने पर बैठने के साथ ही प्रशासन भी सक्रिय हुआ और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाइश और आश्वाशन के बाद गाँव भेजने के लियी राजी किया और आर्थिक हालात को देखते हुए 10,000 की राशि देने की घोषणा की और प्रकरण को सरकार के पास भेजकर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया.