'ब्लू वेल चैलेंज' पर बैन के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील

नई दिल्ली
ब्लू वेल के खिलाफ बैन की मांग के लिए अब देश की सबसे बड़ी अदालत में गुहार लगाई गई है। तमिलनाडु के एक शख्स ने इंटरनेट से जुड़े आत्महत्या के लिए उकसाने वाले गेम 'ब्लू वेल चैलेंज' पर पाबंदी की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

इस खेल को दुनिया भर में सैकड़ों बच्चों के सूइसाइड की वजह माना जा रहा है। सीजेआई दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने मदुरै के 73 साल के वकील एन एस पोन्नैया की ओर से दाखिल याचिका पर 15 सितंबर को सुनवाई के लिए सहमति जताई है।

इस याचिका में केंद्र सरकार को ऑनलाइन गेम पर पाबंदी लगाने और इसके बारे में जनता को जागरूक करने का निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया, '5 सितंबर तक मीडिया की खबरों के अनुसार कम से कम 200 लोग ऑनलाइन ब्लू वेल गेम खेलते हुए खुदकुशी कर चुके हैं। इनमें से ज्यादातर 13, 14 और 15 साल के किशोर हैं।'


याचिकाकर्ता ने कहा कि मदुरै शहर की पुलिस ने पुष्टि की है कि एक कॉलेज छात्र ने गेम खेलने के बाद खुदकुशी की और उसने इसे 150 से ज्यादा दोस्तों को भेजा था। दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 अगस्त को फेसबुक, गूगल और याहू से उस याचिका पर जवाब मांगा था, जिसमें ब्लू वेल चैलेंज के लिंक हटाने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।