आखिरकार चार साल से निलंबित चल रही आईएएस अधिकारी शशि कर्णावत की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं. मध्य प्रदेश कैडर की इस अफसर को बर्खास्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा गया था. प्रस्ताव पर संघ लोक सेवा आयोग  (यूपीएससी) ने मुहर लगा दी, जिसके बाद सरकार ने कर्णावत को अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम के तहत सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.

मध्य प्रदेश सरकार ने शशि कर्णावत के 10 अगस्त को समाप्त हो रहे निलंबन को चार माह और बढ़ा दिया था. कर्णावत की निलंबन अवधि 11वीं बार बढ़ाई गई थी. इसी बीच उनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी हो गए.

सोमवार देर शाम जारी हुए इस आदेश पर न्यूज18 से बातचीत में शशि कर्णावत ने बर्खास्त किए जाने के आदेश की पुष्टि की है. उन्होंने फोन पर सूचना मिलने की बात कही है. हालांकि, उन्हें अभी तक लिखित आदेश नहीं मिला है.

सरकार के कड़े फैसले के बाद शशि कर्णावत ने सक्रिय राजनीति के क्षेत्र में उतरने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि वह मंगलवार सुबह 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी, जिसमें बड़ा खुलासा होगा.

शशि कर्णावत को शिवराज सरकार ने 2013 में करप्शन के आरोप में मंडला कोर्ट के आदेश के बाद सस्पेंड कर दिया था. उसके बाद से ही शशि कर्णावत लगातार सरकार के खिलाफ बयान देती रही हैं. यहां तक कि एक बार राज्य सरकार के खिलाफ वो धरने पर भी बैठ चुकी हैं.

पिछले साल अरविंद केजरीवाल की भोपाल रैली के पहले भी उन्होंने कहा था कि वो अपनी सर्विस पूरी होने के बाद राजनीतिक कर सकती हैं. उन्होंने उस वक्त अरविंद केजरीवाल की खुलकर तारीफ की थी और कहा था,

-अरविंद केजरीवाल को एमपी बुलाकर यहां की गंदगी को हटवाना चाहिए.
-81 विधायक पार्टी के पिट्ठू हैं, जो बाबा साहब के नाम पर जीते हैं, लेकिन यहां नहीं पहुंचे.
- मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा दलितों पर अत्याचार होते हैं.
- मैं घर से निकाली गई तो अपने भाई के घर रहूंगी, मुझे धमकियां मिल रही हैं, मैं डरी हुई हूं.
- अगर मैं व्यापमं की औलाद होती तो कब की मरवा दी जाती.