रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा एचआईवी, एड्स संक्रमित व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ शत-प्रतिशत मिले इसके लिए एकल खिड़की (सिंगल विंडो) योजना लागू किया जा रहा है। अब संक्रमित व्यक्तियों को एकल खिड़की से सरकारी योजनाओं का फायदा मिलेगा। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति शासन की योजनाओं के लिए  मेडिकल कॉलेज एवं शासकीय अस्पतालों की चिन्हांकित एकीकृत परार्श एवं जांच केन्द्र(आईसीटीसी) एवं एआरटी केन्द्र, लक्षित हस्तक्षेप सेंटर, लिंक एआरटी सेंटर, तथा स्टेट लेबल नेटवर्क केन्द्रों में अपना आवेदन जमा करा सकेंगें। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्रीमती रानू साहू की अध्यक्षता में राज्य एड््स नियंत्रण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सभी एचआईवी संक्रमितों को सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ मिले इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर विचार-विमर्श की गई। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति समय-समय पर आईसीटीसी केन्द्र व एआरटी केन्द्रों में दवा लेने आते है। उन्हीं केन्द्रों में एचआईवी एड्स प्रभावित व्यक्तियों शासन की योजना का लाभ इन्हीं सेंटरों के माध्यम से मिल सकेगा। एड्स संक्रमितों को इधर-उधर अन्य विभागों में भटकने की आवश्यकता भी नहीं होगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एकल खिड़की(सिंगल विंडों) के तहत परामर्श एवं जांच केन्द्र और एआरटी केन्द्रों से प्राप्त आवेदन पत्र को जिला नोडल अधिकारी, एड्स द्वारा परीक्षण करके मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पास प्रस्तुत करेंगे। सीएमएचओ जिले के कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। फिर आवेदन कलेक्टर के माध्यम से संबंधित विभाग में भेजा जाएगा। संबंधित विभाग योजना का लाभ देने हेतु प्रमाण पत्र जारी करेगा। प्रमाण पत्र उसी चैनल से वापस हितग्राही तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय होगा। एचआईवी संक्रमितों को अन्त्योदय अन्न योजना राशन कार्ड, फ्री बस पास, सिटी बस, नोनी सुरक्षा योजना, महात्मा गांधी नरेगा आदि का लाभ दिया जाएगा।

योजना का लाभ हितग्राही को मिला रहा है कि नहीं कलेक्टर इसकी समीक्षा प्रतिमाह करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में करीब 27 हजार एचआईवी संक्रमित लोग हैं। सभी एचआईवी संक्रमितों को योजना का लाभ मिले इसके लिए एकल खिड़की योजना लागू किया जा रहा है, ताकि जिला अस्पताल, आईसीटीसी, एआरटी केन्द्र के माध्यम से योजना का लाभ हितग्राही को मिल सके।