नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुरूप होगा भवनों का निर्माण
रायपुर।
दिव्यांगजनों के भवन उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप हो, समाज कल्याण विभाग के संचालक डॉ. संजय अलंग ने आज यहां समाज कल्याण विभाग के संचालनालय में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए वन स्टॉप सेंटर बनना है, जिसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अनुरूप शासकीय भवनों को बाधा रहित एवं आपदा प्रबंधन के अनुरूप बनाने पर चर्चा की गयी। विभाग के संचालक संजय अलंग द्वारा रायपुर में एक तथा संभाग स्तर पर दिव्यांग जनों के लिए बनाये जाने वाले भवनों की डिजाइन का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसमें सभी विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों के आधार पर भवनों के डिजाइन में संशोधन कर भवन तैयार करने का निर्णय लिया गया। योजना आयोग के सदस्य पी.पी. सोतीय द्वारा भवनों के अतिरिक्त मानव संसाधन एवं सेवाओं की उपयुक्तता की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया। अंध व्यक्ति एसोसिएशन के सलाहकार भूषण पुरानी द्वारा गुजरात मॉडल पर भवनों में आवश्यक संशोधन हेतु प्रस्तुतीकरण दिया गया तथा 'समर्थनÓ दिल्ली द्वारा नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुरूप भवनों को दिव्यांगजनों के लिए उपयुक्त बनाने सुझाव दिये।

कार्यशाला में आर्किटेक्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि, भारत सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय की अधिकृत एक्सेस, एडीटर अंजली अग्रवाल, आई.सी.आर. से चारू शर्मा, सी.आर.सी. राजनांदगांव श्री राजू, योजना आयोग के सदस्य नीलेश तिवारी समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।