रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने समर्थन मूल्य को सिर्फ 80 रुपए बढ़ाकर 2022 तक किसानों की आय को दोगुना कर देने के केंद्र के दावे को दिवास्वप्न बताया है। दरअसल केंद्र सरकार ने 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने का दावा किया है और धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में प्रति क्विंटल केवल 80 रुपए बढ़ाने की घोषणा की है।
वहीं सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा लागू करने का वादा भी पूरा नहीं किया है। केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में सिर्फ  5 प्रतिशत की वृद्धि करके 5 साल में सरकार किसानों की आमदनी कैसे दोगुनी कर सकती है? छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के संयोजक राजकुमार गुप्त ने सरकार से पूछा है कि जिस दर से सरकार समर्थन मूल्य बढ़ा रही है, उस हिसाब से तो 5 साल में सिर्फ  4 सौ रुपए की ही बढ़ोतरी हो सकती है, जो वर्तमान समर्थन मूल्य का मात्र 25 प्रतिशत ही होगा। छत्तीसगढ प्रगतिशील किसान संगठन ने कहा है कि अगर यह मान लिया जाए कि सरकार पांच साल में समर्थन मूल्य को दोगुना कर भी देती है, तब भी इस बात की क्या गारंटी है कि इस दौरान मंहगाई 4 गुना नहीं बढ़ जाएगी ? छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के संयोजक राजकुमार गुप्त ने तंज कसते हुए कहा कि ट्रेन की स्पीड पांच गुना बढ़ाने के लिए लाखों करोड़ और किसान की आमदनी को दोगुना करने के लिए हजार करोड़ रुपये भी नहीं, ऐसा क्यों। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने सभी किसानों को कर्ज मुक्त करने और स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा लागू करने का वादा सरकार से पूरा करने की मांग की है।