रायपुर। पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी दिलाने के नाम पर शहर के एक युवक से 50 लाख 20 हजार रूपए की ठगी करने वाले एक आरोपी को गंज थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रार्थी आदित्य शुक्ला पिता अरूण शुक्ला 34 वर्ष निवासी स्टेशन रोड गंज रायपुर ने गंज थाना में दिनांक 23 दिसंबर 2016 को शिकायत दर्ज कराया था कि घटना दिनांक 23 जनवरी 2013 से लेकर 19 दिसंबर 2015 के मध्य स्टेशन रोड स्थित होटल सुधा रेजेंसी में आरोपी अभय यादव पिता हरेन्द्र कुमार यादव 27 वर्ष निवासी सेक्टर 12 रोड 9 प्लाट 4 न्यू पनवेल नवी मुंबई तथा अत्यान बाजपेयी पिता राजीव बाजपेयी 27 वर्ष निवासी जगदलपुर बस्तर द्वारा स्वयं को एचपीसीएल गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पंप एजेंसी का लिगल आफिसर बताकर प्रार्थी को फंसाया गया।
प्रार्थी की शिकायत के अनुसार आरोपियों ने बताया था कि वे कंपनी के लिगल आफिसर है, लिहाजा उनके लिए किसी को भी पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी दिलाने में कोई मुश्किल नहीं होती। कंपनी के उच्चाधिकारी भी उनके सलाह के बिना काम नहीं करते। आरोपियों ने प्रार्थी को पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी दिलाने का विश्वास दिलाते हुए कुछ रकम खर्च करने का झांसा दिया था।
प्रार्थी भी उनकी बातों में आ गया तथा पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी मिल जाने की आश में आरोपियों द्वारा बताए विभिन्न खातों में करीब 50 लाख 20 हजार रूपए जमा करा दिया। विभिन्न खातों में रकम आते ही आरोपी यहां से भाग निकले थे। प्रार्थी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पतासाजी करते हुए पूर्व में आरोपी अभय यादव को गिरफ्तार कर लिया था, इस मामले में अब दूसरे आरोपी अत्यान बाजपेयी को भी जगदलपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है।

फर्जी ईकरारनामा तैयार कर दो लोगों से 33 लाख बयाना

रायपुर।
मकान बिक्री की फर्जी ईकरारनामा तैयार कर दो लोगों से 33 लाख रूपए बयाना लेने का मामला प्रकाश में आया है। प्रार्थी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी वर्धमान चोपड़ा पिता स्व.संतोश चोपड़ा 30 वर्ष वालफोर्ड एवनलैब रामकृष्ण अस्पताल के पास पचपेड़ीनाका का रहने वाला है।  बताया जाता है कि शिवानंद नगर खमतराई निवासी आरोपी दुस्यंत चंद्रवंशी पिता स्व. साधुराम चंद्रवंशी ने अपने मकान को बेचने के लिए प्रार्थी से सौदा तय किया। जिससे प्रार्थी आरोपी का मकान खरीदने के लिए तैयार हो गया। आरोपी ने ईकरारनामा तैयार कर बयाना के तौर पर प्रार्थी से 19 लाख रूपए लिया। जिसके बाद आरोपी ने उसी मकान को किसी अन्य व्यक्ति सैलेश सोनी को बेचने के लिए फर्जी ईकरारनामा तैयार कर उससे बयाना के तौर पर 14 लाख रूपए लिया। जब प्रार्थी को इस बात की जानकारी मिली तो उसने इसकी शिकायत कोर्ट में की। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है।